
Bihar Board 12th Result: हौसलों की उड़ान जब ऊंची होती है, तो आसमान भी छोटा पड़ जाता है। बिहार के हाशिए पर खड़े समाज के बच्चों ने कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है, जिसने राज्य के औसत परिणामों को भी बौना साबित कर दिया है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में सफलता का नया इतिहास लिखा है।(ऊपर की तस्वीर आर्ट्स टॉपर विपिन कुमार की है)

बिहार सरकार के इन विशेष विद्यालयों का कुल सफलता प्रतिशत 92.17% रहा, जो कि राज्य के कुल औसत 85.19% से कहीं ज़्यादा है। इस वर्ष इन विद्यालयों से कुल 1265 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 1166 ने शानदार सफलता हासिल की। यह परिणाम इन संस्थानों में दी जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाओं का प्रमाण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सफलता दिखाती है कि अगर अवसर मिले तो ये छात्र किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।

इन सभी विद्यालयों में, पटना के गायघाट स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय ने एक अविश्वसनीय कीर्तिमान स्थापित किया है। यहां की सभी 123 छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई हैं, जिससे विद्यालय का परिणाम 100% रहा। सबसे खास बात यह है कि एक भी छात्रा द्वितीय या तृतीय श्रेणी में नहीं आई, जो अपने आप में एक मिसाल है।
Bihar Board 12th Result में चमके आवासीय विद्यालयों के सितारे
इन विद्यालयों के छात्रों ने न केवल ओवरऑल प्रतिशत में बल्कि व्यक्तिगत प्रदर्शन में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। तीनों संकायों में इन्हीं स्कूलों के विद्यार्थियों ने टॉप किया है।
- कला संकाय टॉपर: विपिन कुमार – 452 अंक (90.4%), डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय, रजौली (नवादा)
- विज्ञान संकाय टॉपर: कुमारी अनीशा – 432 अंक (86.4%), डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय, गायघाट (पटना)
- वाणिज्य संकाय टॉपर: अनुष्का कुमारी – 430 अंक (86%), डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय, गायघाट (पटना)
पिछले साल की तुलना में परिणामों में भारी उछाल
इस वर्ष के परिणाम पिछले सत्र की तुलना में एक बड़ी छलांग दर्शाते हैं। आंकड़े खुद इस सफलता की कहानी बयां करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल न केवल पास प्रतिशत बढ़ा, बल्कि प्रथम श्रेणी पाने वाले छात्रों की संख्या भी दोगुनी से अधिक हो गई।
- सत्र 2024-25: 686 छात्र सम्मिलित हुए, सफलता का प्रतिशत 88.92% रहा।
- सत्र 2025-26: 1265 छात्र सम्मिलित हुए, सफलता का प्रतिशत बढ़कर 92.17% हो गया।
सबसे बड़ा उछाल प्रथम श्रेणी पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या में देखने को मिला। पिछले वर्ष जहां 328 छात्र प्रथम श्रेणी में आए थे, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 688 हो गया है, जो कुल सफल छात्रों का 54.38 प्रतिशत है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
मंत्री ने दी छात्रों और शिक्षकों को बधाई
इस शानदार उपलब्धि पर विभाग के माननीय मंत्री श्री लखेंद्र कुमार रौशन ने अपार प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा,
“यह सफलता समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। हमारे आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो वे किसी से कम नहीं हैं। मैं सभी सफल छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को हार्दिक बधाई देता हूँ।”
विभाग के वरीय अधिकारियों ने भी इस गौरवपूर्ण परिणाम के लिए विद्यालय प्रबंधन की सराहना की और भविष्य में छात्रों को और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



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