



Bihar Budget: जब सदन में उठा तूफानी बवंडर, तब एक छात्रा की चीखें गूंज उठीं, और फिर उम्मीदों के पिटारे पर सियासत का ग्रहण छा गया।
बिहार बजट सत्र: हंगामे के बीच पेश होगा 2026-27 का बिहार बजट, छात्रा दुष्कर्म मामले पर गरमाई सियासत
बिहार विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन गहमागहमी और भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष ने पटना में हुई NEET छात्रा दुष्कर्म-मौत केस को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। इस संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष ने कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसकी मांग थी कि सदन की कार्यवाही रोककर इस गंभीर विषय पर चर्चा की जाए। हालाँकि, विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसके बाद सदन में और भी अधिक शोर-शराबा देखने को मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बिहार बजट पर विपक्ष का वार: NEET छात्रा प्रकरण पर सदन में घमासान
विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीटों से उठकर लगातार नारेबाजी की और सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका आरोप था कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है और ऐसी घटनाओं पर उसकी चुप्पी स्वीकार्य नहीं है। सदन के भीतर की यह तीखी नोकझोंक यह स्पष्ट करती है कि NEET छात्रा की दुखद घटना ने न केवल आम जनता, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी गहरा आक्रोश पैदा किया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
दोपहर होते-होते भी सदन में तनाव बरकरार रहा, लेकिन पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव आज दोपहर 2 बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बिहार बजट पेश करेंगे। उम्मीद है कि यह बजट बिहार के विकास पथ को निर्धारित करेगा, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऐसे महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज की प्रस्तुति से ठीक पहले विधानसभा में हंगामा निश्चित रूप से सरकार पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वित्त मंत्री अपनी बजट प्रस्तुति में इन ज्वलंत मुद्दों को कैसे संबोधित करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आज पेश होगा 2026-27 का वार्षिक वित्तीय लेखा-जोखा
इस वर्ष के बजट से राज्य की जनता को कई उम्मीदें हैं। विशेष रूप से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर, किसानों के लिए समर्थन मूल्य और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया जा सकता है। सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी होगी कि वह बजटीय आवंटन के साथ-साथ उन सामाजिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का भी समाधान करे, जिन पर विपक्ष लगातार हमलावर है। विधानसभा में हंगामा चलता रहा और यह संकेत दे रहा था कि आने वाले दिनों में भी यह मुद्दा गरमाया रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



