



Bullet Train Bihar: बिहार की धरती पर अब रफ्तार की नई इबारत लिखी जाने वाली है। दशकों से धीमी गति के लिए बदनाम रहा यह राज्य अब बुलेट ट्रेन के तीव्र पथ पर सरपट दौड़ने को तैयार है। वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना अब जल्द ही वास्तविकता का रूप लेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अप्रैल माह से सर्वेक्षण का कार्य शुरू होने जा रहा है, जो बिहार के लोगों के लिए तेज गति की यात्रा का मार्ग प्रशस्त करेगा।
इस परियोजना के धरातल पर उतरने से वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी के बीच यात्रा का समय नाटकीय रूप से कम हो जाएगा। जहां अभी इन शहरों के बीच सफर में घंटों लग जाते हैं, वहीं बुलेट ट्रेन के परिचालन के बाद यह यात्रा बेहद कम समय में पूरी हो सकेगी। यह बिहार की कनेक्टिविटी के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bullet Train Bihar: वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी कॉरिडोर का सर्वे
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) द्वारा इस 420 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा। इस सर्वेक्षण में विस्तृत इंजीनियरिंग अध्ययन, भू-तकनीकी जांच और पर्यावरण प्रभाव आकलन जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य मार्ग संरेखण (route alignment) का निर्धारण करना और परियोजना की व्यवहार्यता का आकलन करना है। इस तेज रफ्तार रेल परियोजना से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
यह कॉरिडोर न केवल तीन महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ेगा, बल्कि बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से भी होकर गुजरेगा। इससे इन क्षेत्रों में विकास की नई धारा बहेगी। सर्वेक्षण के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, जो इस रेल परियोजना की अगली कड़ी होगी। यह एक बहुप्रतीक्षित पहल है जो पूर्वी भारत के परिवहन परिदृश्य को पूरी तरह से बदल देगी।
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बुलेट ट्रेन से बदल जाएगी बिहार की तस्वीर
वर्तमान में, भारतीय रेलवे में गति की अपनी सीमाएं हैं, लेकिन बुलेट ट्रेन की अवधारणा 300 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से दौड़ने वाली ट्रेनों पर आधारित है। ऐसे में बिहार में इस तरह की तेज रफ्तार रेल का आगमन निश्चित तौर पर राज्य की परिवहन व्यवस्था को आधुनिकता के शिखर पर ले जाएगा। यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा। यह परियोजना राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी और भविष्य के लिए एक मजबूत नींव प्रदान करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
परियोजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल यात्री सुविधाओं में इजाफा होगा, बल्कि माल ढुलाई में भी तेजी आ सकती है, जिससे व्यापार और वाणिज्य को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। यह विकास की गति को और तेज करेगा, जिसका दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव बिहार की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम
यह हाई-स्पीड कॉरिडोर परियोजना सिर्फ एक रेल लाइन नहीं है, बल्कि यह समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से आधुनिक तकनीक और इंजीनियरिंग का प्रदर्शन होगा, जो भारतीय रेलवे के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा। सरकार की यह पहल दर्शाती है कि वह देश के हर हिस्से में अत्याधुनिक परिवहन सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस परियोजना के साथ ही बिहार भी वैश्विक स्तर की परिवहन सुविधाओं वाले राज्यों की पंक्ति में खड़ा हो सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

