
Bihar Cabinet Decision: सम्राट चौधरी सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की दूसरी बैठक में कुल 63 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई है, जिनमें गंगा पथ परियोजना से लेकर बिजली सब्सिडी तक कई अहम घोषणाएं शामिल हैं।
नई सरकार के गठन के बाद यह दूसरी महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक थी, जिसमें राज्य के विकास की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इन फैसलों से न सिर्फ प्रदेश की तस्वीर बदलेगी, बल्कि आम जनता को भी सीधा लाभ मिलेगा।
बिहार कैबिनेट का फैसला: इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिली नई उड़ान
कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में कोइलवर से बक्सर तक गंगा पथ के निर्माण को मंजूरी देना शामिल है। बिहार कैबिनेट का फैसला राज्य के लिए गेम चेंजर साबित होगा, जिससे आवागमन तो सुगम होगा ही, पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ (लगभग 90 किमी) और अन्य गंगा पथ परियोजनाओं को भी पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की सहमति दी गई है।
सारण और आसपास के इलाकों को भी इस बैठक में बड़ी सौगात मिली है। सारण में नए नारायणी पथ को मंजूरी दी गई, वहीं कोईलवर पथ को अब ‘विश्वामित्र पथ’ के नाम से जाना जाएगा, जिससे स्थानीय पहचान मजबूत होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। राज्य में परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए बिदुपुर-दिघवारा (56 किमी) और सारण-गोपालगंज (73.51 किमी) सड़क परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिली है। वहीं, जल आपूर्ति योजनाओं के रखरखाव और IoT आधारित निगरानी के लिए 29,933 योजनाओं पर 3,601 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जो बिहार में इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई गति देगा।
बिजली, शिक्षा और रोजगार में बड़ा बदलाव
बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने बिजली सब्सिडी के लिए 23,165 करोड़ रुपये की विशाल राशि मंजूर की है। यह राशि सीधे एनटीपीसी को दी जाएगी, जिससे राज्य के लाखों उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलती रहेगी और उन पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हर जिले और ब्लॉक में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सबकी पहुंच सुनिश्चित होगी। साथ ही, 7-निश्चय-3 योजना के तहत 208 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलेजों के लिए 9152 नए पदों का सृजन किया गया है, जो रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे भी खुले हैं। बिहार पुलिस में 20,937 पदों पर प्रमोशन और नई भर्ती का रास्ता साफ कर दिया गया है, जिससे कानून व्यवस्था और मजबूत होगी।
सामाजिक योजनाओं और छात्रों के लिए नई सौगातें
सामाजिक सुरक्षा के तहत एससी-एसटी छात्रावास अनुदान को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जिससे हजारों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। पटना के गर्दनीबाग में ऑटिज्म से ग्रस्त बच्चों के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है, जो ऐसे बच्चों के भविष्य को संवारने में मदद करेगा।
शहरों के विकास के लिए मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए 93.75 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। एक और दिलचस्प फैसला यह है कि पटना के प्रसिद्ध संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम अब आधिकारिक रूप से ‘पटना जू’ कर दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह सभी फैसले बिहार के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मील के पत्थर साबित होंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/





