
Bihar Cabinet Meeting: बिहार की सियासत में आज एक ऐसा दिन है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की पांचवीं बैठक से बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। क्या सम्राट सरकार युवाओं के लिए कोई बड़ा ऐलान करेगी या फिर यह बैठक भी सिर्फ सियासी बयानों तक सिमट कर रह जाएगी?
आज शाम 5:30 बजे मंत्रिमंडल सचिवालय में होने वाली इस अहम बैठक पर पूरे सूबे की निगाहें हैं। सत्ता की कमान संभालने के बाद यह सम्राट सरकार की पांचवीं कैबिनेट मीटिंग है, लेकिन इस बार की बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में खासा हलचल और बेचैनी देखी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Bihar Cabinet Meeting: किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
सूत्रों की मानें तो इस अहम बैठक में रोजगार, विकास योजनाओं, कर्मचारियों से जुड़े मसलों और नई नीतियों पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। खास तौर पर बेरोजगार नौजवानों की उम्मीदें इस बैठक से जुड़ी हुई हैं, क्योंकि चुनावी मंचों से सम्राट चौधरी सरकार ने पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का बड़ा वादा किया था। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार आज कोई बड़ा ऐलान कर सकती है।
बदल गया कैबिनेट का दिन: क्या है इसके मायने?
दिलचस्प बात यह भी है कि जहां पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौर में कैबिनेट बैठकें आमतौर पर मंगलवार को हुआ करती थीं, वहीं सम्राट चौधरी ने बुधवार का दिन तय कर एक नई प्रशासनिक रवायत की शुरुआत की है। राजनीतिक जानकार इसे सिर्फ दिन का बदलाव नहीं, बल्कि सत्ता के अंदाज और प्राथमिकताओं में बदलाव का पैगाम मान रहे हैं। बैठक में दोनों डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव समेत तमाम मंत्री शामिल होंगे। मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से सभी विभागों को पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि अपने-अपने एजेंडे और प्रस्ताव पूरी तैयारी के साथ पेश करें, ताकि अहम मसलों पर अंतिम फैसला लिया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
युवाओं को नौकरी का वादा, क्या होगा पूरा?
सियासी हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि सम्राट सरकार विकास और रोजगार के मुद्दे पर अपनी मजबूत छवि गढ़ने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में आज की बिहार कैबिनेट बैठक सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सम्राट सरकार जनता से किए वादों को अमली जामा पहनाने की दिशा में कोई बड़ा कदम उठाती है या फिर यह बैठक भी महज सियासी बयानबाज़ी बनकर रह जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







