
बिहार कैबिनेट विस्तार: बिहार की सियासत में हलचल फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज दिल्ली रवाना हो रहे हैं, जहां पार्टी के बड़े नेताओं से उनकी मुलाकात का कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि इस दौरे का मुख्य एजेंडा बिहार में प्रस्तावित बिहार कैबिनेट विस्तार ही है, जिस पर केंद्रीय नेतृत्व के साथ अहम चर्चा होनी है।
सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं से मिलेंगे। इस मुलाकात में बिहार की राजनीति के कई अहम पहलुओं पर बात होने की उम्मीद है। मुख्य रूप से, नए मंत्रिमंडल के गठन और विभागों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके नए आवास पर मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं और तेज हो गई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
बिहार कैबिनेट विस्तार पर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा
15 अप्रैल को सम्राट चौधरी और दोनों डिप्टी सीएम ने शपथ ली थी, जिसके बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार किया जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सम्राट सरकार की कैबिनेट में किन-किन चेहरों को जगह मिलती है। जानकारी के अनुसार, बिहार कैबिनेट विस्तार का निर्णय भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति पर ही निर्भर करेगा।
नीतीश कुमार से मुलाकात और मंत्रिमंडल का गणित
शनिवार को हुई सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार की मुलाकात को भी इसी कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात 7 सर्कुलर रोड स्थित नीतीश कुमार के नए आवास पर हुई थी। नीतीश कुमार के नए घर में शिफ्ट होने के दिन ही यह बैठक हुई, जिससे अटकलें और बढ़ गई हैं कि यह बैठक कैबिनेट के स्वरूप को लेकर ही थी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
कितने मंत्री बनाए जाने की संभावना?
राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चा के मुताबिक, बिहार में मुख्यमंत्री समेत कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि सभी पद एक साथ नहीं भरे जाएंगे। पिछली सरकारों की तरह कुछ पद खाली रखे जा सकते हैं, ताकि भविष्य में राजनीतिक संतुलन साधने के लिए विकल्प खुला रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार सरकार के पुराने फॉर्मूले के तहत जेडीयू को मंत्रियों की संख्या और महत्वपूर्ण विभागों में प्राथमिकता मिल सकती है। अटकलें हैं कि भाजपा के 14 और जेडीयू के 15 मंत्री बनाए जा सकते हैं।







