

Bihar Cashless Medical Scheme: बिहार विधान परिषद में एक बार फिर जनप्रतिनिधियों और सेवानिवृत्त पदाधिकारियों के लिए प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा योजना को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। सदन में उठे सवालों ने यह साफ कर दिया कि योजना की घोषणा और उसके वास्तविक क्रियान्वयन के बीच अब भी लंबी दूरी है। यह स्थिति उन हजारों जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए निराशाजनक है, जो इस सुविधा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
चर्चा की शुरुआत सदस्यों के उन सवालों से हुई, जिनमें उन्होंने योजना की वर्तमान स्थिति और इसे लागू करने में हो रही देरी पर चिंता जताई। कई सदस्यों ने बताया कि उन्हें अभी तक इस योजना का कोई लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि इसका ऐलान काफी पहले हो चुका है। सरकार की तरफ से दिए गए जवाब भी संतोषजनक नहीं लगे, जिससे सदन में गहमागहमी बढ़ गई।
Bihar Cashless Medical Scheme: वादों और हकीकत की कहानी
यह महत्वाकांक्षी चिकित्सा योजना, जिसे राज्य के विधायकों, विधान पार्षदों और सेवानिवृत्त अधिकारियों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से लाया गया था, अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। मौजूदा स्थिति यह है कि अनेक जनप्रतिनिधि और उनके परिवार अभी भी सामान्य प्रक्रियाओं के तहत ही इलाज कराने को मजबूर हैं, जबकि उन्हें कैशलेस सुविधा मिलनी चाहिए थी। इस चिकित्सा योजना का सही समय पर लागू न होना, कहीं न कहीं प्रशासनिक सुस्ती की ओर इशारा करता है।
विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह सिर्फ घोषणाओं की सरकार है, जो जमीनी स्तर पर काम करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि जब तक यह योजना पूरी तरह से लागू नहीं हो जाती, तब तक इसके उद्देश्य की पूर्ति संभव नहीं है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सदन में सदस्यों ने मांग की कि सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार करे और जल्द से जल्द इसका समाधान निकाले।
सरकार का रुख और आगे की राह
सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि इस दिशा में काम जारी है और जल्द ही योजना को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। हालांकि, सदस्यों ने इस तरह के आश्वासनों पर संदेह व्यक्त किया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, ठोस कदम उठाने होंगे। यह महत्वपूर्ण है कि जनप्रतिनिधियों और सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को मिलने वाली यह आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा जल्द से जल्द हकीकत बने, ताकि उन्हें और उनके परिवारों को चिकित्सा खर्चों की चिंता से मुक्ति मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह की महत्वपूर्ण पहल को सिर्फ घोषणा तक सीमित रखना उचित नहीं है।


