
Bihar Census 2026: बदलाव की बयार में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जब बिहार अपनी पहचान को और गहराई से जानने को उत्सुक है। सरकार ने एक बड़े फैसले का ऐलान किया है, जिससे प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर स्पष्ट होगी।
बिहार जनगणना 2026: अप्रैल-मई में दो चरणों में होगी जातिगत गणना, जानें हर पहलू
Bihar Census 2026: दो चरणों में पूरा होगा यह महत्वपूर्ण कार्य
राज्य सरकार ने बिहार जनगणना 2026 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह एक ऐतिहासिक पहल है, जो राज्य के विकास की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी। प्रदेश के निवासियों और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए यह प्रक्रिया दो चरणों में अप्रैल और मई 2026 में पूरी की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस बार जनगणना में लोगों के साथ उनकी जाति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी संकलित की जाएगी, ताकि विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए बेहतर नीतियां बनाई जा सकें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एकत्र किए गए सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रहेंगे और उनका दुरुपयोग नहीं किया जाएगा। यह एक संवेदनशील कार्य है, जिसे पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न किया जाएगा।
जातिगत गणना का उद्देश्य और गोपनीयता
बिहार सरकार का यह कदम राज्य के सामाजिक ताने-बाने को समझने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस जातिगत गणना से सरकार को उन क्षेत्रों और समुदायों की पहचान करने में मदद मिलेगी जिन्हें विशेष ध्यान और सहायता की आवश्यकता है। घर-घर जाकर किए जाने वाले इस सर्वे के माध्यम से एकत्रित डेटा राज्य के नीति-निर्माताओं के लिए अमूल्य साबित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे पहले भी बिहार में जातिगत गणना कराई गई थी और यह आगामी जनगणना उसी दिशा में एक अग्रिम कदम है। सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। बिहार में सामाजिक न्याय की दिशा में यह एक मजबूत पहल साबित होगी, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिलेगी।







