

Bihar Birth Certificate: अब दफ्तरों के चक्कर नहीं, अस्पताल ही आपका हमसफर! बिहार के लिए यह फैसला लाखों अभिभावकों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, जो बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र के लिए कभी यहां तो कभी वहां भटकते रहते थे। बिहार में नवजात के जन्म प्रमाण पत्र को लेकर दशकों पुरानी समस्या अब इतिहास बनने जा रही है।
Bihar Birth Certificate: बिहार में अब डिस्चार्ज से पहले मिलेगा जन्म प्रमाण पत्र, नए नियम से अभिभावकों को बड़ी राहत
Bihar Birth Certificate: बिहार में जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया हुई आसान
बिहार के सरकारी अस्पतालों में अब माताओं को अपने नवजात शिशुओं के जन्म प्रमाण पत्र के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए यह सुनिश्चित किया है कि प्रसूता को अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले ही नवजात का जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर दिया जाए। यह निर्णय उन अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत है जिन्हें अब तक इस महत्वपूर्ण दस्तावेज के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। इस नई व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और आम जनता को मिलने वाली सरकारी सुविधा में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे पहले, जन्म प्रमाण पत्र बनवाना एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया मानी जाती थी, जिसमें अक्सर बिचौलियों की भूमिका भी देखने को मिलती थी।
अभिभावकों के लिए बड़ी राहत
इस नए नियम से ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के अभिभावकों को सीधा लाभ मिलेगा। बच्चे के जन्म के तुरंत बाद, माता-पिता को अस्पताल प्रबंधन द्वारा आवश्यक फॉर्म भरने में सहायता की जाएगी और सभी औपचारिकताएं अस्पताल परिसर में ही पूरी कर ली जाएंगी। प्रमाण पत्र बनने के बाद, इसे सीधे अभिभावकों को सौंप दिया जाएगा। यह कदम बिहार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की फेहरिस्त में एक और अहम कड़ी है, जो प्रदेश की जनता को बेहतर सरकारी सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/
नियम से बदलेगी तस्वीर
इस बदलाव से न सिर्फ प्रशासनिक बोझ कम होगा, बल्कि लोगों का सरकारी तंत्र पर विश्वास भी बढ़ेगा। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का समाधान होने से माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य की नींव रखने वाले इस पहले दस्तावेज को आसानी से प्राप्त कर पाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह व्यवस्था सरकारी अस्पतालों में प्रसव की दर को भी बढ़ावा दे सकती है, क्योंकि अब माता-पिता को जन्म प्रमाण पत्र के लिए अलग से दौड़-धूप नहीं करनी पड़ेगी।
सरकारी अस्पतालों का बढ़ता महत्व
यह नई व्यवस्था सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार का भी संकेत देती है। बिहार सरकार लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास कर रही है और यह कदम उसी दिशा में एक ठोस पहल है। अस्पतालों में स्टाफ को इस नई प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी आवश्यक जानकारी सही और समय पर दर्ज की जाए, ताकि नवजात का जन्म प्रमाण पत्र त्रुटिहीन और वैध हो। यह पहल बिहार को एक सुशासन वाले राज्य के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।


