



Patna News: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर बदलने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य सेवाओं की नब्ज पर हाथ रखते हुए, उन्होंने अधिकारियों को ऐसे निर्देश दिए हैं जो आने वाले समय में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का कायाकल्प कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका लक्ष्य हर नागरिक को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
Patna News: 7 निश्चय पार्ट-3 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ सभागार में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक विशेष रूप से 7 निश्चय पार्ट-3 के अंतर्गत ‘सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन’ योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए बुलाई गई थी। इस दौरान, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजना के विभिन्न पहलुओं और अब तक की उपलब्धियों पर मुख्यमंत्री को जानकारी दी।
बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य की स्वास्थ्य अधोसंरचना को जमीनी स्तर पर मजबूत करना था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिया कि प्रखंड स्तर पर मौजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को विशिष्ट चिकित्सा केन्द्र (Speciality Hospital) के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके साथ ही, जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केन्द्र (Super Speciality Hospital) के तौर पर अपग्रेड करने का काम भी जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है।
नीतीश कुमार ने राज्य में मेडिकल शिक्षा और इलाज की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नए खुलने वाले मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में बेहतर पढ़ाई और इलाज सुनिश्चित करने के लिए लोक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से प्रतिष्ठित निजी क्षेत्र के अस्पतालों को बिहार में अपनी शाखाएं स्थापित करने के लिए आकर्षित करने की भी बात कही, ताकि लोगों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।
सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगेगी लगाम
बैठक में एक और बड़ा फैसला लिया गया जो सीधे तौर पर राज्य की जनता से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने सरकारी डॉक्टरों द्वारा की जाने वाली निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के लिए जल्द ही एक ठोस नीति लाने का निर्देश दिया है। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी डॉक्टर अपना पूरा समय और ध्यान सरकारी अस्पतालों में ही मरीजों के इलाज पर केंद्रित करें।
इसके अलावा, दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए भी एक अहम निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर अपनी सेवाएं देंगे, उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए एक अलग से प्रोत्साहन योजना बनाई जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा, “हमलोगों का उद्देश्य है कि लोगों को सुलभ चिकित्सा सुविधा (Ease of living) उपलब्ध करायी जाय। सभी का जीवन आसान और सुविधापूर्ण हो, इसके लिये पूरी निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।” देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, और राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय सहित कई अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




