Bihar Drug Smuggling: बिहार में नशे का कारोबार, एक ऐसा नासूर है जो समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है। इसी नासूर पर अब एक और बड़ी चोट पड़ी है। उत्पाद विभाग की मुस्तैदी ने तस्करों के एक बड़े नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।
बिहार ड्रग स्मगलिंग: कोडीन सिरप तस्करी का बड़ा खुलासा, ड्रग्स माफियाओं पर नकेल
Bihar Drug Smuggling: बिहार में नशीली दवाओं के खिलाफ सरकार की सख्ती और उत्पाद विभाग की पैनी नजर अब रंग ला रही है। हाल ही में, रजौली थाना क्षेत्र के चितरकोली स्थित बिहार–झारखंड सीमा पर उत्पाद विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत दो ट्रकों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन फास्फेट सिरप बरामद किया गया है, जिसने राज्य में सक्रिय ड्रग तस्करों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई बिहार को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने सीमावर्ती इलाके में घेराबंदी की थी। जैसे ही दो संदिग्ध ट्रक वहां से गुजरे, उन्हें रोककर सघन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रकों में छिपाकर रखे गए हजारों बोतल कोडीन फास्फेट सिरप देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। यह दर्शाता है कि तस्कर कितनी चालाकी से अपने अवैध धंधे को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे।
बिहार ड्रग स्मगलिंग: सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय गिरोह
इस बरामदगी से यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार-झारखंड सीमा के रास्ते प्रतिबंधित दवाएं का बड़ा कारोबार फल-फूल रहा है। तस्कर इस मार्ग का उपयोग नशीली दवाओं को एक राज्य से दूसरे राज्य में पहुंचाने के लिए कर रहे हैं, जिससे युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है। उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई से न सिर्फ बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं जब्त की गई हैं, बल्कि कई अहम गिरफ्तारियां भी हुई हैं, जिनसे इस पूरे सिंडिकेट के पीछे के सरगना तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जांच अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई प्रतिबंधित दवाएं कोडाइन फॉस्फेट सिरप का उपयोग खांसी की दवा के रूप में किया जाता है, लेकिन इसकी अत्यधिक खुराक नशे के लिए भी इस्तेमाल होती है। नशेड़ी इसे महंगे दामों पर खरीदते हैं और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। पुलिस अब गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ कर रही है ताकि उनके संपर्कों और इस अवैध व्यापार में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यह गिरोह लंबे समय से इस प्रकार की प्रतिबंधित दवाएं दूसरे राज्यों से बिहार में ला रहा था और फिर यहां से पड़ोसी राज्यों में भी इनकी सप्लाई की जा रही थी। इस बड़े खुलासे के बाद सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और कड़ी कर दी गई है। उत्पाद विभाग की टीम ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नशे के खिलाफ उनकी मुहिम लगातार जारी रहेगी और ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा। यह दर्शाता है कि प्रशासन बिहार को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नशे के खिलाफ जारी अभियान और भविष्य की चुनौतियां
इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि तस्करों के हौसले पस्त करने के लिए लगातार ऐसे अभियानों की आवश्यकता है। बिहार सरकार ने भी नशा मुक्ति को अपनी प्राथमिकता में रखा है और पुलिस तथा उत्पाद विभाग को इस दिशा में और अधिक सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं। आने वाले समय में ऐसे और भी खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे राज्य में फैले प्रतिबंधित दवाओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। यह केवल एक ट्रक की बरामदगी नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने की एक बड़ी पहल है। प्रशासन और जनता के सहयोग से ही इस विकट समस्या से निपटा जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। नशा मुक्त बिहार का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक इस लड़ाई में अपना योगदान देगा और प्रतिबंधित दवाओं के व्यापार को जड़ से खत्म करने में सहयोग करेगा।




