

Bihar Computer Teacher Recruitment: डिजिटल युग की दहलीज पर खड़ा बिहार, जहां दशकों से कंप्यूटर शिक्षा की मांग एक अबूझ पहेली बनी हुई थी, अब उस इंतजार की घड़ियां खत्म होने को हैं। ज्ञान और सूचना के इस महासागर में गोता लगाने के लिए राज्य के लाखों छात्र-छात्राएं बेसब्री से एक ऐसे पुल की प्रतीक्षा कर रहे थे, जो उन्हें भविष्य की मुख्यधारा से जोड़ सके।
बिहार कंप्यूटर शिक्षक भर्ती: विधानसभा में शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान, अब मिलेगी डिजिटल युग की उड़ान
बिहार कंप्यूटर शिक्षक भर्ती: एक दशक पुरानी मांग का निर्णायक पड़ाव
बिहार में कंप्यूटर शिक्षा को लेकर वर्षों से उठ रही मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सामान्य शिक्षकों की चल रही भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंप्यूटर शिक्षकों की बहाली की जाएगी। यह घोषणा शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान एक विधायक के सवाल के जवाब में की। उन्होंने बताया कि राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षकों की कमी को दूर करना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
वर्तमान में, प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब तो हैं, लेकिन प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी के कारण वे अक्सर धूल फांकते नजर आते हैं। छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है, जिससे वे बदलते वैश्विक परिदृश्य में पिछड़ रहे हैं। इस घोषणा से न केवल छात्रों में बल्कि अभिभावकों और शिक्षाविदों में भी नई उम्मीद जगी है। शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत तकनीकी शिक्षा पर विशेष बल दिया जा रहा है और बिहार इसमें पीछे नहीं रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विभाग के सूत्रों के अनुसार, सामान्य शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसके पूरा होते ही कंप्यूटर शिक्षकों की बहाली का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक, हजारों पदों पर बहाली की उम्मीद है, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह कदम बिहार को एक ज्ञान-आधारित समाज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
सामान्य शिक्षकों की नियुक्ति के बाद कंप्यूटर शिक्षकों की बारी
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि शिक्षक नियुक्ति के मौजूदा चरण में सामान्य विषयों के शिक्षकों की बहाली लगभग पूरी होने वाली है। इसके बाद, विभाग का पूरा ध्यान कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती पर केंद्रित होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रक्रिया को पारदर्शिता और तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि छात्रों को जल्द से जल्द कंप्यूटर शिक्षा का लाभ मिल सके। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योग्य और प्रशिक्षित कंप्यूटर शिक्षक ही स्कूलों तक पहुंचें।
राज्य सरकार का यह कदम प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांति ला सकता है। स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा मिलने से छात्र-छात्राएं न केवल कंप्यूटर के मूलभूत सिद्धांतों को सीख पाएंगे, बल्कि कोडिंग, प्रोग्रामिंग और डिजिटल साक्षरता जैसे उन्नत कौशल भी विकसित कर सकेंगे। यह उन्हें भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करेगा और डिजिटल इंडिया अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को विशेष लाभ मिलेगा, जहां कंप्यूटर और इंटरनेट तक पहुंच एक बड़ी चुनौती है। सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों की उपलब्धता उन्हें शहरी छात्रों के समकक्ष लाने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल शिक्षकों की भर्ती नहीं, बल्कि बिहार के शैक्षिक ढांचे में एक संरचनात्मक बदलाव है, जो राज्य को 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगा।
इस महत्वपूर्ण घोषणा के साथ ही, शिक्षा विभाग अब नई बहाली प्रक्रिया के लिए आवश्यक नियमावली और दिशा-निर्देश तैयार करने में जुट गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी, जिससे इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन की तैयारी शुरू कर सकें। यह न सिर्फ स्कूलों में शैक्षणिक माहौल को सुधारेगा, बल्कि बिहार की युवा शक्ति को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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