Bihar Contract Corruption News: बिहार में सरकारी ठेकों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस संबंध में 15 कंपनियों को अपनी जांच के दायरे में लिया है, जिनके कामकाज पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि इन कंपनियों को नियमों का उल्लंघन करते हुए ठेके आवंटित किए गए थे।
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ईडी की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) ने इन कंपनियों को सबसे अधिक काम सौंपा था। इसके अलावा, जल संसाधन विभाग और भवन निर्माण विभाग से भी इन्हें करोड़ों रुपये के ठेके मिले थे। अब जांच एजेंसी इन कंपनियों के प्रबंधन और उनके शेयरधारकों की गहन पड़ताल कर रही है।
इन कंपनियों के तार रिशु श्री प्रकरण से भी जुड़ते दिख रहे हैं। ईडी ने जून 2023 में ही इन संदिग्ध कंपनियों की पहचान कर ली थी और नगर विकास एवं आवास विभाग से इन्हें मिले ठेकों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। रिलायबल एंटरप्राइजेज और रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जैसी कुछ कंपनियां सीधे तौर पर रिशु श्री से संबंधित बताई जा रही हैं। यही वजह है कि ‘Rishu Shree News’ अब और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
जांच एजेंसी को आशंका है कि अन्य कंपनियों को भी रिशु श्री के माध्यम से ठेके दिलवाए गए होंगे। इसी के मद्देनजर, ईडी ने वर्ष 2016 के बाद से इन सभी कंपनियों को आवंटित सभी ठेका परियोजनाओं का ब्योरा मांगा था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी अब इस ब्योरे के आधार पर कंपनियों के वास्तविक मालिकों और उनके प्रबंधन की परतें खोल रही है।
करोड़ों के ठेकों में धांधली की चौंकाने वाली परतें
चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कुछ कंपनियों को पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था या उन्हें डिबार किया गया था। इसके बावजूद, उन्हें करोड़ों रुपये के सरकारी ठेके आवंटित कर दिए गए। आरोप है कि इन कंपनियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निविदाएं हासिल कीं।
जांच में यह भी सामने आया है कि बुडको और संबंधित विभागों के तत्कालीन अधिकारियों को इन अनियमितताओं की जानकारी थी। हालांकि, कथित तौर पर उन्होंने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। अब जांच एजेंसी इन सभी कंपनियों के दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड और निविदा प्रक्रिया से संबंधित जानकारी का सत्यापन कर रही है।
ईडी की मांग पर बुडको ने आवश्यक रिपोर्ट पहले ही भेज दी थी। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में विभाग या बुडको के स्तर पर इनमें से किसी भी कंपनी को कोई नया काम नहीं दिया जा रहा है। यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
आरोपितों पर कार्रवाई से पहले साक्ष्य जुटाने की चुनौती
जांच एजेंसियां अब आरोपित अधिकारियों और ठेकेदारों पर ठोस कार्रवाई करने से पहले पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा करने में जुटी हैं। रिशु श्री की गिरफ्तारी विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) में दर्ज मामले (05/25) में हुई थी। यह मामला ईडी की जांच रिपोर्ट पर ही आधारित है, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है।
एसवीयू के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि वह रिशु श्री और अन्य आरोपितों द्वारा दर्ज कराए गए बयानों के आधार पर ईडी की रिपोर्ट का सत्यापन करे। ईडी के पास रिशु श्री के अलावा, भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता तारिणी दास और बिहार प्रशासनिक सेवा के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी मुमुक्षु चौधरी जैसे प्रमुख व्यक्तियों के बयान दर्ज हैं।
ईडी के रडार पर आईं प्रमुख कंपनियों की सूची इस प्रकार है:
- रिलायबल एंटरप्राइजेज
- रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
- श्री नेस्टबिल्ड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड
- अर्बन एनवायर्नमेंटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
- साई आशीर्वाद कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
- रीताश्री एंटरप्राइजेज
- तोशिबा वाटर सॉल्यूशंस
- केवड़िया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
- भुगन इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड
- जैनम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
- ऑर्गेनिका प्राइवेट लिमिटेड
- ऑर्गेनिका 121 प्राइवेट लिमिटेड
- जेएम एनवायरो प्राइवेट लिमिटेड
- वीए टेक वबाग प्राइवेट लिमिटेड
- ईएमएस इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड
जेल मैनुअल के तहत रिशु श्री के इलाज का निर्देश
इस बीच, निगरानी कोर्ट ने बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में बंद रिशु श्री के इलाज को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। कोर्ट ने जेल अधीक्षक को आदेश दिया है कि रिशु श्री को जेल मैनुअल के प्रावधानों के तहत समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
रिशु श्री के वकील ने सोमवार को निगरानी कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था, जिसमें उनके इलाज के लिए उचित व्यवस्था की मांग की गई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने यह निर्देश जारी किया। एसवीयू ने निविदा घोटाले के इसी मामले में रिशु श्री को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत के तहत बेऊर जेल भेजा है।
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इस पूरे मामले में जांच एजेंसियां बेहद सतर्कता से काम कर रही हैं, और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही यह मुहिम कई बड़े नामों को बेनकाब कर सकती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







