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जनवरी, 3, 2026

Farmers Income: बिहार में सहकारिता मॉडल से दोगुनी होगी किसानों की आय, राज्यव्यापी अभियान शुरू

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Farmers Income: धरती का सीना चीरकर अन्न उपजाने वाले किसानों के लिए अब एक नई उम्मीद की किरण जगी है। सहकारिता का हाथ थामकर उनकी समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने की पहल रंग लाने को तैयार है।

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Farmers Income: बिहार में सहकारिता मॉडल से दोगुनी होगी किसानों की आय, राज्यव्यापी अभियान शुरू

Farmers Income पर फोकस: क्या है सदस्यता-सह-सहकारी जागरूकता अभियान?

बिहार के सहकारिता विभाग ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्यव्यापी सदस्यता-सह-सहकारी जागरूकता अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस महत्वपूर्ण अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना है, जिसके लिए सहकारिता मॉडल को एक सशक्त माध्यम बनाया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांति लाने की क्षमता रखता है।

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इस पहल के तहत राज्य के कोने-कोने तक सहकारिता की भावना को पहुँचाया जाएगा और अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता समितियों से जोड़ा जाएगा। इन समितियों के माध्यम से किसान न केवल बेहतर बाजार तक पहुँच बना पाएंगे, बल्कि उन्हें ऋण, बीज और अन्य कृषि इनपुट भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह अभियान किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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यह भी पढ़ें:  Bihar Agriculture Subsidy: नए साल में बंपर मौका! बिहार सरकार दे रही कृषि उद्योगों पर लाखों की सब्सिडी, जानें कैसे मिलेगा लाभ

सहकारिता अभियान: गांवों में समृद्धि की नई राह

विभाग का मानना है कि संगठित होकर काम करने से किसानों की मोलभाव करने की शक्ति बढ़ेगी, जिससे उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल पाएगा। यह अभियान केवल सदस्यता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य किसानों को सहकारिता के सिद्धांतों और फायदों के प्रति जागरूक करना भी है। ‘सहकारिता अभियान’ के तहत विभिन्न कार्यशालाएं और बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि किसानों को इस मॉडल की पूरी जानकारी मिल सके।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारिता मॉडल भारतीय कृषि की रीढ़ है, और इसके सफल क्रियान्वयन से किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आ सकता है। यह मॉडल न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि खाद्य प्रसंस्करण और विपणन में भी किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

आंकड़े बताते हैं कि जिन राज्यों में सहकारिता आंदोलन मजबूत है, वहां किसानों की आय अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। बिहार सरकार भी इसी तर्ज पर काम कर रही है ताकि प्रदेश के किसानों को भी इसका लाभ मिल सके। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

मंत्री ने अपने बयान में जोर दिया कि सहकारिता विभाग इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और किसानों से आह्वान किया है कि वे इस ऐतिहासिक पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अभियान में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे, ताकि इसका अधिकतम लाभ योग्य किसानों तक पहुँच सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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