Bihar Dial-112 News: बिहार में आपातकालीन सहायता सेवा डायल-112 को अब आधुनिक बनाने की तैयारी है। गृह विभाग इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से जोड़ने जा रहा है। इसका मकसद पीड़ितों तक और तेजी से मदद पहुंचाना है। कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली को भी तकनीक के जरिए मजबूत किया जाएगा। काल रिकॉर्डिंग से लेकर रिस्पॉन्स सिस्टम तक AI का इस्तेमाल बढ़ेगा। इस दिशा में गृह विभाग ने पुलिस अधिकारियों को विशेष टास्क दिया है।
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AI का सहारा, तेज होगी मदद: बिहार डायल-112 को मिलेगा नया रूप
बिहार में आपातकालीन सेवा डायल-112 को और संवेदनशील और त्वरित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। इसका सीधा लाभ उन पीड़ितों को मिलेगा, जिन्हें तुरंत पुलिस या अन्य सहायता की आवश्यकता होती है। AI के जरिए न केवल कॉल हैंडलिंग सिस्टम स्मार्ट बनेगा, बल्कि रिस्पॉन्स टाइम में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हर आपातकालीन कॉल पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई हो। गृह विभाग ने इस आधुनिकीकरण योजना के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया है।
गृह विभाग की हाई-लेवल समीक्षा बैठक, CCTV और CCTNS पर भी मंथन
गृह विभाग में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय गृह सचिव के निर्देश पर बुलाई गई इस बैठक की अध्यक्षता गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने की। बैठक में पुलिस मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें ADG वायरलेस अमित लोढ़ा, ADG आधुनिकीकरण अजिताभ कुमार और CID के ADG पारस नाथ शामिल थे, मौजूद रहे। इस बैठक में थानों में CCTV की स्थापना की स्थिति और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को तकनीकी सुधारों को तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि आधुनिक पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जा सके।
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संवेदनशील रिस्पॉन्स और हिंदी को बढ़ावा: अधिकारियों को खास निर्देश
गृह सचिव ने ERSS यानी बिहार डायल-112 को अधिक उत्तरदायी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित कर्मियों के नियमित प्रशिक्षण और रिस्पॉन्स टाइम सुधारने के उपायों पर विशेष बल दिया। AI तकनीक के माध्यम से कॉल हैंडलिंग सिस्टम को स्मार्ट बनाकर पीड़ितों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की तैयारी है। सरकार चाहती है कि इस इमरजेंसी सेवा पर लोगों का भरोसा और मजबूत हो। साथ ही, बैठक में सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिक उपयोग पर भी चर्चा हुई। गृह सचिव ने अधिकारियों से विभागीय प्रस्तुतियों और आधिकारिक कार्यों में राष्ट्रभाषा हिंदी को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
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सरकार ने तकनीक और प्रशासन दोनों स्तर पर सुधार की रणनीति साफ कर दी है, ताकि बिहार में अपराध नियंत्रण और जनसेवा को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। यह कदम राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने में सहायक होगा।







