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फ़रवरी, 22, 2026
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Bihar Digital Census: 2026 में बिहार की ‘स्मार्ट’ जनगणना, Bihar Digital Census में जियो फेंसिंग से रुकेगी धांधली, टैबलेट पर दर्ज होगा डेटा, जानिए पूरी प्रक्रिया

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Bihar Digital Census: आंकड़ों की दुनिया में जब सब कुछ सिमट रहा है, बिहार भी अब इस डिजिटल क्रांति का साक्षी बनने जा रहा है। 2026 की जनगणना सिर्फ गिनती नहीं, बल्कि भविष्य की नींव रखेगी।

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बिहार में होने वाली आगामी जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी। यह 2026 में शुरू होगी और इसमें अत्याधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को और अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना है। टैबलेट आधारित गणना से लेकर जियो फेंसिंग तक, हर पहलू को आधुनिकता के साथ जोड़ा जा रहा है, ताकि देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक बिहार में सही आंकड़े जुटाए जा सकें।

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Bihar Digital Census: तकनीक से लैस होगी जनगणना प्रक्रिया

जियो फेंसिंग तकनीक इस डिजिटल जनगणना की रीढ़ होगी। इसके तहत हर जनगणनाकर्मी के लिए एक विशिष्ट कार्यक्षेत्र निर्धारित कर दिया जाएगा। यह एक वर्चुअल बाउंड्री की तरह काम करेगा। जैसे ही कोई जनगणनाकर्मी अपने तय सीमा क्षेत्र से बाहर जाएगा या भीतर आएगा, सिस्टम उसे तुरंत ट्रैक करेगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि जनगणनाकर्मी केवल अपने निर्धारित क्षेत्र के भीतर ही काम करें, जिससे जनगणना डेटा संग्रह में होने वाली गलतियों और दोहराव को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह जनगणना डेटा की सटीकता को कई गुना बढ़ा देगी। अक्सर यह देखा जाता है कि मैनुअल जनगणना में एक ही व्यक्ति या परिवार की गणना दो बार हो जाती है, या कुछ क्षेत्र छूट जाते हैं। जियो फेंसिंग से इस तरह की मानवीय त्रुटियों की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। साथ ही, टैबलेट के इस्तेमाल से डेटा सीधे सर्वर पर अपलोड होगा, जिससे कागजी कार्रवाई कम होगी और डेटा प्रसंस्करण (data processing) में लगने वाला समय भी बचेगा।

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जियो फेंसिंग: कैसे काम करेगी यह आधुनिक तकनीक?

जियो फेंसिंग एक स्थान-आधारित सेवा है जो एक परिभाषित भौगोलिक क्षेत्र पर एक वर्चुअल सीमा बनाती है। जनगणना के संदर्भ में, यह सीमा प्रत्येक जनगणना ब्लॉक या उप-क्षेत्र के लिए डिजिटल रूप से मैप की जाएगी। जब कोई गणक इस वर्चुअल सीमा में प्रवेश करता है या उससे बाहर निकलता है, तो एक अलर्ट ट्रिगर हो सकता है। यह न केवल कर्मियों के काम की निगरानी करेगा, बल्कि उन्हें उनके आवंटित क्षेत्र में ही बने रहने के लिए प्रोत्साहित भी करेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी घर या परिवार छूट न जाए और कोई भी जनगणनाकर्मी एक से अधिक बार एक ही जगह का डेटा न ले। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह नवाचार बिहार की प्रशासनिक क्षमता में एक बड़ा सुधार लाएगा और भविष्य की योजनाओं के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय आधार प्रदान करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि सरकार द्वारा बनाई जाने वाली नीतियां और योजनाएं वास्तविक आंकड़ों पर आधारित हों, जिससे उनका प्रभाव अधिकतम हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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