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Bihar Driving Licence: बिहार में अब ड्राइविंग लाइसेंस पास करना आसान नहीं, जानें नए Automated Testing System नियम

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Driving Licence: बिहार में गाड़ी चलाने का सपना देख रहे हैं तो थोड़ी तैयारी बढ़ा लीजिए। अब ड्राइविंग लाइसेंस पाना पहले जैसा आसान नहीं रहा। राज्य परिवहन विभाग ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा असर अब आपकी परीक्षा पर पड़ेगा।

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चार पहिया वाहन के लिए Driving Licence: ये हैं नए पासिंग मार्क्स

बिहार में चार पहिया वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना अब काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा शुरू की गई नई स्वचालित परीक्षण प्रणाली (Automated Testing System) का उद्देश्य भ्रष्टाचार को खत्म करना और यह सुनिश्चित करना है कि केवल कुशल चालकों को ही लाइसेंस मिले। नए नियमों के तहत, चार पहिया ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट में 100 में से कम से कम 60 अंक प्राप्त करने होंगे। एक अंक की भी कमी होने पर उन्हें अनुत्तीर्ण (फेल) माना जाएगा। फेल होने वाले आवेदकों को दोबारा टेस्ट बुक करने के लिए कम से कम एक सप्ताह इंतजार करना होगा। अधिकारियों ने बताया कि यह सख्त व्यवस्था विशेष रूप से राज्य में पहली बार चार पहिया वाहन चलाने वाले चालकों के लिए बनाई गई है।

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परिवहन और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, स्वचालित परीक्षण प्रणाली (Automated Testing System) पहले चरण में पटना और औरंगाबाद में लागू की जा चुकी है। इन जिलों में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक मिल रहे हैं। सरकार की योजना इस साल जुलाई तक गया और छपरा सहित सात जिलों में इस प्रणाली का विस्तार करने की है। मार्च 2026 तक बिहार के सभी 38 जिलों में नए परीक्षण ढांचे को लागू करने का लक्ष्य है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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कमर्शियल वाहन चालकों के लिए और भी सख्त नियम

परिवहन विभाग ने भारी वाहनों से जुड़े उच्च जोखिम के कारण कमर्शियल वाहन चालकों के लिए और भी कड़े नियम लागू किए हैं। नई नीति के तहत, कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस चाहने वाले आवेदकों को 100 में से 100 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। परीक्षण के दौरान मामूली गलतियाँ भी अयोग्यता का कारण बनेंगी। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल अत्यधिक कुशल और प्रशिक्षित चालक ही कमर्शियल वाहन चलाएं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक, इस नई स्वचालित परीक्षण प्रणाली से कई सुधार आने की उम्मीद है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

पूरे बिहार में लागू होगी नई परीक्षण प्रणाली

बिहार में चरणबद्ध तरीके से इस नई परीक्षण प्रणाली को पूरे राज्य में लागू करने की तैयारी है। इसका मुख्य उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप को कम करके पारदर्शिता लाना और योग्य चालकों को ही परमिट देना है। इससे न केवल सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि ड्राइविंग टेस्ट की विश्वसनीयता भी सुनिश्चित होगी।

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