

Bihar E-Rickshaw Ban: बिहार की सड़कों पर यातायात के बढ़ते दबाव और आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब राज्य के किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राज्य राजमार्ग (SH) पर ई-रिक्शा (टोटो) के परिचालन की अनुमति नहीं होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेज गति से चलने वाले वाहनों के लिए बने इन हाइवे पर धीमी गति के ई-रिक्शा का संचालन बड़े वाहनों के साथ तालमेल नहीं बिठा पाता, जो अक्सर गंभीर हादसों का कारण बनता है। इसका सीधा असर सड़क सुरक्षा पर पड़ता है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bihar E-Rickshaw Ban: जानिए, हाइवे पर प्रतिबंध के पीछे की वजह
जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने क्षेत्रों में इस पाबंदी को सख्ती से लागू कराने का निर्देश दिया गया है। ई-रिक्शा के साथ-साथ परिवहन विभाग ने ‘जुगाड़’ गाड़ियों के खिलाफ भी सख्त मोर्चा खोल दिया है। ये गाड़ियाँ, जिन्हें अक्सर मोटरसाइकिल के इंजन या पंप सेट को जोड़कर अवैध तरीके से बनाया जाता है, लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। इन वाहनों के पास न तो कोई वैध पंजीकरण होता है, न ही फिटनेस प्रमाण पत्र और न ही बीमा। इनमें ब्रेक, लाइट और इंडिकेटर जैसे बुनियादी सुरक्षा मानकों का भी अभाव होता है।
ग्रामीण और शहरी इलाकों में यात्री और सामान ढोने के लिए इनका धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा था, जिससे सड़क सुरक्षा बिहार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी। अब इन्हें मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। परिवहन मंत्री के अनुसार, हाइवे पर यात्रियों और चालकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इन सड़कों का निर्माण इस प्रकार किया जाता है कि ट्रक, बस और कारें यहाँ तेज गति से आवाजाही कर सकें। जब कम रफ्तार वाले ई-रिक्शा या जुगाड़ गाड़ी इन मार्गों पर आते हैं, तो पीछे से आ रहे तेज वाहनों के लिए खतरा उत्पन्न हो जाता है। ई-रिक्शा चालक अक्सर अचानक मोड़ ले लेते हैं या तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच फंस जाते हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है। सरकार का मानना है कि इस प्रतिबंध से सड़कों पर होने वाली मौतों के आंकड़े में बड़ी गिरावट आएगी। इस निर्णय से आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना
परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि जो भी वाहन मालिक या चालक इस नए आदेश की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों को न केवल जब्त किया जाएगा, बल्कि उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। विभाग ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे हाइवे के प्रवेश द्वारों पर निगरानी बढ़ाएं और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी ई-रिक्शा या जुगाड़ गाड़ी मुख्य सड़कों पर न चढ़े। इसके साथ ही, इन चालकों को वैकल्पिक सुरक्षित रास्तों पर चलने की सलाह दी गई है ताकि उनका रोजगार भी प्रभावित न हो और उनकी सुरक्षा भी बनी रहे। यह कदम राज्य में सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा, जो बिहार के नागरिकों के लिए एक बेहतर यातायात अनुभव सुनिश्चित करेगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




