

Bihar Education Department News: शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितताओं का पहाड़ खड़ा है, जहां सरकारी विद्यालयों में करोड़ों का हिसाब गुम है। यह स्थिति ऐसे ही है जैसे समुद्र में बूंद का गायब हो जाना, लेकिन यहां बात जनता के पैसे की है जिसका हिसाब देना अनिवार्य है।
Bihar Education Department News: करोड़ों के घोटाले पर महालेखाकार की पैनी नजर
बिहार के सरकारी विद्यालयों में असैनिक योजनाओं पर खर्च की गई भारी-भरकम राशि का लेखा-जोखा न मिलने से शिक्षा विभाग में भूचाल आ गया है। कुल 193 करोड़ रुपये की राशि का डिटेल्ड कंटिंजेंट (डीसी) बिल अभी तक जमा नहीं किया गया है, जिस पर महालेखाकार कार्यालय ने गहरी आपत्ति जताई है। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए शिक्षा विभाग ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ) को कड़ी चेतावनी जारी की है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि 19 जनवरी तक डीसी विपत्र जमा नहीं होते हैं, तो संबंधित डीपीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जोर देकर कहा है कि डीसी विपत्र महालेखाकार कार्यालय में जमा करना सर्वोच्च प्राथमिकता का काम है, फिर भी निर्देशों की अनदेखी की जा रही है, जो वित्तीय अनुशासन के प्रति उदासीनता का प्रतीक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि असैनिक कार्य योजनाओं के तहत खर्च की गई लगभग 193 करोड़ रुपये की राशि के डीसी विपत्र हर हाल में जमा कराए जाएं। उन्होंने याद दिलाया कि 2 जनवरी को ही यह साफ कर दिया गया था कि 15 जनवरी तक शत-प्रतिशत डीसी विपत्र जमा हो जाने चाहिए, लेकिन अब तक कई जिलों से यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
विभागीय स्तर पर इस बात पर नाराजगी व्यक्त की गई है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद डीसी विपत्र का जमा न होना गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करता है। इससे न केवल विभाग की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि भविष्य में विभिन्न योजनाओं के लिए फंड के आवंटन पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है।
वित्तीय अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
इस स्थिति को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने अब कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। निर्देशों के मुताबिक, डीसी विपत्र एकत्र करने के लिए शनिवार और रविवार को भी कार्यालय खुले रहेंगे। प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि संबंधित विद्यालयों से शत-प्रतिशत डीसी विपत्र प्राप्त किए जा सकें। इन शिविरों में लेखा सहायक, अभियंता और प्रधानाध्यापक प्रखंडवार उपस्थित रहेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने वाले प्रधानाध्यापकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को जिलेवार यह विस्तृत विवरण भी दिया गया है कि किस मद में कितनी राशि का डीसी विपत्र अभी भी बकाया है। शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि निर्धारित समय सीमा तक हिसाब नहीं मिला, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई निश्चित मानी जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




