Bihar Education Department Scam: बिहार की मिट्टी में सपनों की फसल बोने निकले युवाओं के अरमानों पर एक बार फिर धोखे का कुल्हाड़ा चला है। सरकारी नौकरी की उम्मीद पाले बैठे अभ्यर्थियों को शिक्षा विभाग में बहाली के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया है, जहां लगभग 40 लाख रुपये हड़प लिए गए।
Bihar Education Department Scam: कैसे फंसाया गया बेरोजगारों को?
बिहार के शिक्षा विभाग में आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्ति का झांसा देकर एक बड़े Bihar Education Department Scam को अंजाम दिया गया है। जानकारी के अनुसार, नौकरी के नाम पर प्रदेश के सैकड़ों युवाओं से करीब 40 लाख रुपये ठग लिए गए हैं। यह मामला तब सामने आया जब पीड़ितों को न तो नौकरी मिली और न ही उनके पैसे वापस किए गए। ठगों ने सुनियोजित तरीके से अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी का प्रलोभन दिया और उनसे अलग-अलग किश्तों में मोटी रकम वसूली। इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में बढ़ते नौकरी घोटाला के मामलों को उजागर किया है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
धोखेबाजों ने खुद को शिक्षा विभाग का अधिकारी या विभाग से जुड़ा प्रभावशाली व्यक्ति बताकर युवाओं को अपने जाल में फंसाया। उन्होंने विभिन्न पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति का भरोसा दिलाया। कई बेरोजगारों ने अपने जीवन भर की जमा पूंजी और कर्ज लेकर इन ठगों को पैसे दिए थे। जब नियुक्ति पत्र की तारीखें आगे बढ़ने लगीं और कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तब जाकर पीड़ितों को एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं। इस पूरे प्रकरण में कई सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के नाम पर इस तरह की ठगी कैसे संभव हो पा रही है।
बढ़ते नौकरी घोटालों पर लगाम क्यों नहीं?
इस तरह के मामले बिहार में पहली बार नहीं हो रहे हैं। पहले भी विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी देने के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। यह दर्शाता है कि प्रशासनिक स्तर पर कहीं न कहीं एक बड़ी चूक हो रही है, जिसका फायदा उठाकर धोखेबाज आसानी से बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बना रहे हैं। पुलिस और प्रशासन को ऐसे गिरोहों पर नकेल कसने के लिए और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
- सरकारी नौकरी के नाम पर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
- आउटसोर्सिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
- पीड़ितों को न्याय और उनके पैसे वापस दिलाने में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण है।
इस पूरे प्रकरण पर शिक्षा विभाग और पुलिस को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। साथ ही, युवाओं को भी ऐसी फर्जी नियुक्तियों के झांसे में आने से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। किसी भी सरकारी नौकरी के लिए केवल आधिकारिक सूचनाओं और वेबसाइटों पर ही भरोसा करें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह एक गंभीर मामला है और इस पर त्वरित कार्रवाई न होने से युवाओं का सरकारी तंत्र से विश्वास उठ सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






