Bihar Education News: मुख्यमंत्री सम्राट ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि राज्य के हर ब्लॉक में कम से कम एक अत्याधुनिक मॉडल स्कूल खोला जाएगा। इन स्कूलों का स्तर इतना ऊंचा होगा कि प्राइवेट स्कूलों के बच्चे भी वहां दाखिला लेना पसंद करेंगे।
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मुख्यमंत्री ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में ये दिशानिर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ स्कूल खोलना नहीं, बल्कि ऐसे संस्थान बनाना है जहां शिक्षा की गुणवत्ता, सुविधाएं और शिक्षण स्तर प्राइवेट संस्थानों से भी बेहतर हो। सीएम सम्राट ने कहा, “बिहार के बच्चे अब गांव में रहकर ही विश्वस्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकें, इसके लिए हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”
Bihar Education News: क्या होगा इन मॉडल स्कूलों में खास?
सीएम सम्राट ने स्पष्ट किया कि शिक्षा को गांव की आखिरी सीमा तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन मॉडल स्कूलों में आधुनिक क्लासरूम, स्मार्ट लैब, सुसज्जित लाइब्रेरी, खेलकूद की बेहतरीन सुविधाएं, अत्यंत योग्य शिक्षक और डिजिटल लर्निंग सिस्टम जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “जब गांव का बच्चा मॉडल स्कूल में पढ़कर IIT, IIM या विदेश की बेहतरीन यूनिवर्सिटी में चयनित होगा, तभी हमारी शिक्षा व्यवस्था सफल मानी जाएगी।”
अधिकारियों को गांवों में रहना अनिवार्य क्यों?
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को एक सख्त निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि बिहार की विरासत, ग्रामीण वास्तविकता और विकास की चुनौतियों को गहराई से समझने के लिए प्रत्येक अधिकारी को महीने में कम से कम दो दिन गांव में रहना अनिवार्य होगा। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने और उनका समाधान करने में मदद करेगा।
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यह घोषणा राज्य में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने और हर बच्चे को समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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