
बिहार बिजली बढ़ोतरी: जैसे ही सरकार का बिजली का करंट लगा, विपक्ष ने भी सियासी वोल्टेज बढ़ा दिया। पटना की सियासत में एक बार फिर गरमागरमी का माहौल है, क्योंकि बिजली दरों में हुए बदलाव ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार को इस मुद्दे पर सीधे घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए अपनी बात रखी और सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
अब गर्दा उड़ेगा भईया,ये भुटकुन दो कप चाय बनाओ “कड़क”
बिहार बिजली बढ़ोतरी: क्या है पूरा मामला?
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि बिजली दरों में यह बढ़ोतरी आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ जनता महंगाई से त्रस्त है, वहीं दूसरी ओर सरकार ऐसे फैसले लेकर उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही है। उनका यह बयान मौजूदा सरकार के खिलाफ एक तीखा विपक्षी हमला माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सोशल मीडिया पर जारी अपने पोस्ट में तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने जनता से किए वादों को पूरा करने की बजाय उन्हें और परेशान करने का रास्ता चुना है। उन्होंने इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।
पढ़िए क्या लिखा: नीतीश-भाजपा ने फिर पलटी मारी। चुनावों के वक्त मुफ़्त 125 यूनिट फ़्री बिजली देने का वादा कर चीटर मीटर वाले महज 4 महीने में ही जनता को लूटने वाले अपने असल रंग में लौट आए।
अब बिहार में शाम 11 बजे तक सर्वाधिक खपत वाले 6 घंटे बिजली बिल 8.10 रूपये प्रति यूनिट, रात्रि 11 बजे से सुबह के 9 बजे तक यानि 10 घंटे तक 7.10 रुपए और फिर शेष 8 घंटे 5.94 ₹ प्रति यूनिट आपकी जेब से वसूलेंगे।
10 हजारिया के फेर में फौरी तौर पर खुश होकर वोट गिरवी रखने वालों को यह सरकार अभी इससे भी बुरे दिन दिखाएगी। नई सरकार के अभी 4 महीने ही हुए है, सरकार का खजाना एकदम खाली है और जो बचा-खुचा है उसे भ्रष्ट अधिकारी स्वयं समेट लेंगे।
चुनाव आयोग की अनैतिकता, धूर्तता और निर्जल्लता के सानिध्य में मशीनी तंत्र के मार्फ़त जनतंत्र को खत्म करने के इरादे से लड़े गए इस चुनाव में भ्रष्ट भूंजा पार्टी एवं भ्रष्ट अधिकारियों के कार्टेल ने स्थापित लोकतांत्रिक मर्यादाओं, परंपराओं तथा लोकलाज को तार-तार करते हुए चुनाव के आख़िरी 35 दिनों में (वोटिंग के समय तक भी) जो 41,000 हज़ार करोड़ रुपए नगद सरकारी खजाने का बांटा है अब आगामी पाँच साल तक उसकी जी भरकर वसूली करेंगे।
थके-हारे जिस चेहरे को सोची समझी साजिश और षड्यंत्र के तहत मोहरा बनाया गया, अब उसी अचेत चेहरे को भ्रष्ट और डरपोक सिंडिकेट ने इकरारनामे के तहत दरकिनार कर ही दिया है। देर-सवेर यह लोकतांत्रिक कलंक और आसमानी वादों की विफलता भी उन्हीं के माथे मढ़ी जाएगी। पूर्व की मेरी कहे अन्य तमाम बातों की तरह यह भी सत्य साबित होगा। बिहार में पहले से ही बेकाबू रिश्वतखोरी, लूट और अनियंत्रित भ्रष्टाचार का अब अकल्पनीय दौर शुरू होगा।
सरकार पर गंभीर सवाल और जनता की प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब उनकी सरकार थी, तब वे बिजली दरों को कम करने और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेकिन मौजूदा सरकार जनता के हितों की अनदेखी कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इस मुद्दे पर विपक्षी हमला लगातार तेज होता जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी इस बढ़ोतरी के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं। देखना होगा कि सरकार इस विरोध पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या बिजली दरों में कोई बदलाव होता है।
आम जनता के बीच भी बिजली की बढ़ती दरों को लेकर नाराजगी है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है और सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



