

Bihar EWS age limit: बिहार विधानसभा के गलियारों में आज एक ऐसा सवाल गूंजा, जो हजारों युवा सपनों की उड़ान से जुड़ा है। आरक्षण की नई बिसात पर उम्र की हदें तय करने का मुद्दा फिर गरमा गया। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के युवाओं को सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्र सीमा में छूट देने की मांग ने एक बार फिर सदन में जोर पकड़ा। विधायक देवेश कांत सिंह ने प्रश्नकाल के दौरान यह महत्वपूर्ण मसला उठाया, जिससे राज्य के लाखों EWS अभ्यर्थियों की उम्मीदें जुड़ी हैं।
सरकार का जवाब सामने आया जब प्रभारी मंत्री विजय चौधरी ने इस विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार फिलहाल अपने स्तर पर ऐसा कोई निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है। इस बयान के बाद EWS वर्ग के युवाओं में निराशा का माहौल है, हालांकि सरकार ने इसके पीछे के कारणों को भी समझाने का प्रयास किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह मुद्दा सिर्फ आयु सीमा तक सीमित नहीं, बल्कि यह आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उन अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है, जो अवसरों की तलाश में हैं।
बिहार EWS आयु सीमा छूट पर क्या बोली सरकार?
दरअसल, विधायक देवेश कांत सिंह ने राज्य सरकार से मांग की थी कि वह केंद्र सरकार की तर्ज पर EWS अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में 5 साल की छूट दे। उन्होंने तर्क दिया कि केंद्र सरकार पहले से ही इस वर्ग के लिए यह सुविधा प्रदान कर रही है, तो बिहार सरकार को भी इसे लागू करना चाहिए ताकि राज्य के युवाओं को समान अवसर मिल सकें। खासकर उन उम्मीदवारों को जो सरकारी नौकरी पाने की चाह रखते हैं और जिनकी उम्र सीमा लगभग समाप्त होने वाली है।
विजय चौधरी ने अपने जवाब में बताया कि इस मामले में राज्य सरकार को केंद्र के निर्णयों का अध्ययन करना होगा और उसके अनुरूप ही कोई फैसला लिया जा सकता है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि इस तरह के नीतिगत फैसले व्यापक प्रभावों वाले होते हैं, इसलिए जल्दबाजी में कोई कदम उठाना संभव नहीं है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
EWS वर्ग के लिए आयु सीमा में छूट का मुद्दा बिहार में लंबे समय से लंबित है। कई छात्र संगठन और युवा प्रतिनिधि लगातार सरकार से इस विषय पर विचार करने की अपील करते रहे हैं। उनका मानना है कि अन्य आरक्षित वर्गों को उम्र सीमा में छूट मिलती है, तो EWS वर्ग को भी यह लाभ मिलना चाहिए, विशेषकर जब उनकी आर्थिक स्थिति उन्हें अन्य सुविधाओं से वंचित रखती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह मामला केवल आयु सीमा का नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के करियर और उनके भविष्य से जुड़ा है। सरकार के इस रुख से फिलहाल तो EWS अभ्यर्थियों को इंतजार करना होगा, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है।
अब आगे क्या?
फिलहाल, बिहार विधानसभा में उठा यह मुद्दा सरकार के पाले में है। यह देखना होगा कि राज्य सरकार केंद्रीय प्रावधानों का कितना गहनता से अध्ययन करती है और EWS वर्ग की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है। क्या आने वाले समय में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को भी अन्य आरक्षित वर्गों की तरह उम्र सीमा में छूट का लाभ मिल पाएगा, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण घोषणा हो सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



