

Farmer ID: खेत-खलिहान से लेकर सरकारी दफ्तरों तक अब तकनीक की तूती बोल रही है, और बिहार ने इस दिशा में एक ऐसी छलांग लगाई है जिसकी गूंज दूर तक सुनाई देगी।
बिहार में Farmer ID की क्रांति, 51% किसान हुए डिजिटल, अब योजनाओं का पैसा सीधे खाते में!
पटना: राज्य में किसानों को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान देने की महत्वाकांक्षी योजना ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। बिहार में फार्मर आई.डी. निर्माण का कार्य तीव्र गति से जारी है और अब तक 51 प्रतिशत से अधिक किसानों को इसके दायरे में लाया जा चुका है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत कम से कम एक किस्त पा चुके 86,36,562 लाभार्थियों को आधार मानते हुए यह लक्ष्य निर्धारित किया गया था। बिहार सरकार द्वारा किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने के लिए यह फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ चलाया जा रहा है।
क्या है Farmer ID और क्यों है यह किसानों के लिए गेम-चेंजर?
यह पहल किसानों को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर उन्हें पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे बिहार के कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, कृषि विभाग तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बेहतरीन समन्वय और किसानों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के समन्वय से चरणबद्ध विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।
केंद्र से मिली ₹269.89 करोड़ की सौगात
इस योजना में निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने पर केंद्र सरकार से विशेष सहायता का भी प्रावधान है। 25 प्रतिशत की उपलब्धि पर पहले माइलस्टोन के तहत राज्य को 107.96 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता स्वीकृत हुई थी। अब 50 प्रतिशत का दूसरा माइलस्टोन पार करने पर 161.93 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता प्राप्त होगी। इस प्रकार, राज्य को कुल 269.89 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता मिलेगी, जो कृषि अवसंरचना और डिजिटल कृषि प्रणाली को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां यहां क्लिक करें।
किसानों को मिलेंगे ये सीधे लाभ
फार्मर आईडी पंजीकरण से किसानों को अनेक लाभ प्राप्त होंगे। इसके माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी ढंग से उपलब्ध होगा। साथ ही, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), विभिन्न सहायता अनुदान योजनाओं एवं फसल क्षति की वास्तविक आकलन आधारित क्षतिपूर्ति का लाभ भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल कृषि को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। कृषि मंत्री ने कहा कि, “यह सफलता दिखाती है कि हमारे किसान तकनीक को अपनाने के लिए तैयार हैं और सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।”
उन्होंने राज्य के सभी शेष किसानों से अपील की है कि वे शीघ्र अपना फार्मर आईडी पंजीकरण कराकर इस डिजिटल कृषि प्रणाली का हिस्सा बनें और सरकार की सभी योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त करें।




