



Bihar Farmer Registry: अन्नदाताओं के लिए डिजिटल युग का नया सवेरा, अब सरकारी योजनाओं की चाबी सीधी उनकी जेब में पहुंचेगी। बिहार में चल रहे किसान रजिस्ट्री महाअभियान ने किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण जलाई है। कृषि विभाग ने इस महत्वपूर्ण अभियान की अंतिम तिथि में विस्तार कर दिया है, जिससे अब अधिक से अधिक किसान इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
बिहार फार्मर रजिस्ट्री: अब 11 फरवरी तक मुफ्त में बनवाएं आईडी
कृषि विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, बिहार में फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तहत मुफ्त में किसान पहचान पत्र बनवाने की अंतिम तिथि अब 11 फरवरी, 2024 तक बढ़ा दी गई है। इससे पहले, यह तिथि कुछ और थी, लेकिन किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस डिजिटल पहचान से किसानों को फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी बिचौलिए के आसानी से मिल सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल बिहार के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार करना है, जिससे सरकारी सहायता और सूचनाएं सीधे लक्षित किसानों तक पहुंचाई जा सकें। इस किसान पहचान पत्र के माध्यम से, किसानों को सरकारी योजनाओं के लिए अलग-अलग आवेदन करने की जटिल प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। यह एक ऐसा कदम है जिससे बिहार के कृषि परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
डिजिटल आईडी बनवाने की प्रक्रिया बेहद सरल है और किसान अपने निकटतम कृषि कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी आसानी से इसका लाभ उठा सकें। यह सुनिश्चित करेगा कि हर जरूरतमंद किसान को सरकार की ओर से मिलने वाली हर मदद प्राप्त हो।
किसानों के लिए क्या हैं इस डिजिटल आईडी के फायदे?
इस डिजिटल किसान पहचान पत्र के कई महत्वपूर्ण फायदे हैं। सबसे पहले, यह किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में तत्काल बीमा क्लेम प्राप्त करने में मदद करेगा। दूसरा, केसीसी (KCC) जैसी ऋण योजनाओं का लाभ उठाना और भी आसान हो जाएगा, जिससे कृषि कार्यों के लिए आवश्यक पूंजी की व्यवस्था सुगम होगी। इसके अलावा, बीज, खाद और कृषि उपकरणों पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जा सकेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसान पहचान पत्र राज्य में कृषि सुधारों की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगा बल्कि किसानों को सशक्त भी करेगा। इस नई व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बिहार सरकार का यह महाअभियान डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप है और इसका लक्ष्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र किसान इस महत्वपूर्ण अवसर से वंचित न रहे। सभी किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि से पहले अपना पंजीकरण अवश्य करा लें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


