Bihar Flood News: बिहार में बाढ़ से निपटने की तैयारियों को लेकर जल संसाधन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। एक जून से शुरू हुई बाढ़ अवधि को देखते हुए विभाग के इंजीनियरों और पदाधिकारियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। यह आदेश 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान उनकी मोबाइल ट्रैकिंग भी की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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इंजीनियरों की 24 घंटे ट्रैकिंग और अवकाश रद्द
जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बाढ़ अवधि (1 जून से 31 अक्टूबर) के दौरान बाढ़ सुरक्षा कार्यों में लगे पदाधिकारियों का कोई भी अवकाश क्षेत्रीय स्तर से स्वीकृत नहीं किया जाएगा। अपरिहार्य परिस्थितियों में ही मुख्य अभियंता की अनुशंसा पर मुख्यालय से स्वीकृति मिलेगी। इस निर्णय की सूचना संबंधित जिला प्रशासन को भी देनी होगी। बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय छोड़ने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ अवधि के दौरान नदियों पर बने तटबंधों को सुरक्षित रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। विगत वर्ष की बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, इस बार हर महीने के पहले सप्ताह में मासिक बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अभियंताओं, तटबंध सुरक्षा कर्मियों, श्रमिकों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। सभी सदस्यों के मोबाइल नंबरों की सूची का आदान-प्रदान भी करने को कहा गया है।
हेल्पलाइन नंबर जारी और विशेष दलों का गठन
विभाग ने बाढ़ से संबंधित जानकारी के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- 0612-2206669
- 0612-2215850
इसके अलावा, एक टोल फ्री नंबर 18003456145 भी चौबीसों घंटे चालू रहेगा। विभाग ने संवेदनशील स्थलों की पहचान करने, उनकी श्रेणी बनाने और ससमय जिला से लेकर राज्य मुख्यालय को रिपोर्ट भेजने का भी निर्देश दिया है। इंजीनियरों को 184 वायरलेस सेट प्रदान किए गए हैं और उनकी ड्यूटी रोस्टरवार 24 घंटे लगाई गई है। मुख्यालय के पदाधिकारियों को प्रक्षेत्रवार निगरानी के लिए तैनात किया गया है और छह विशेष दलों का भी गठन किया गया है। गौरतलब है कि इस साल बाढ़ पूर्व सुरक्षात्मक 384 योजनाओं पर 1117 करोड़ 28 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
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मुख्य सचिव ने दी सख्त चेतावनी
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर बाढ़ अवधि में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों का एकजुट होकर सामना करने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या चूक के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए, हर स्तर पर सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। लापरवाह पदाधिकारियों के खिलाफ त्वरित अनुशासनात्मक कार्रवाई और अच्छा काम करने वाले अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने पर जोर दिया गया है। तटबंधों की मरम्मत, बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत और महामारी की रोकथाम के लिए दवाओं का इंतजाम पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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