

Bihar Government Scheme: जब सरकार की नज़रें गांवों की तरफ़ मुड़ती हैं, तो विकास की नई इबारत लिखी जाती है, और इस बार बिहार सरकार ने ग्रामीण उत्थान का एक नया बिगुल फूंका है। यह सिर्फ धन का आवंटन नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों को पंख देने की कवायद है।
Bihar Government Scheme: बिहार के हर ब्लॉक को मिलेंगे 16 लाख, कैसे बदलेंगी जीविका दीदियों की तकदीर?
Bihar Government Scheme: जीविका दीदियों के लिए आर्थिक संजीवनी
बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति को तेज़ करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य के हर प्रखंड को सरकार की ओर से 16 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस पहल का सीधा लाभ जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा, जिन्हें आमतौर पर ‘जीविका दीदी’ के नाम से जाना जाता है। यह राशि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती प्रदान करेगी और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर पैदा करने में सहायक होगी।
वर्तमान में, बिहार में जीविका के 11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों से राज्य के एक करोड़ 40 लाख से भी ज़्यादा परिवार सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। यह संख्या ग्रामीण बिहार में जीविका दीदियों के व्यापक प्रभाव और उनकी संगठित शक्ति को दर्शाती है। 16 लाख रुपए की यह सहायता इन समूहों की विभिन्न गतिविधियों जैसे लघु उद्योग, कृषि आधारित उद्यम और अन्य स्वरोज़गार के अवसरों को गति प्रदान करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल न केवल वित्तीय स्वावलंबन को बढ़ावा देगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी।
यह Bihar Government Scheme सिर्फ वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिखेगी। जीविका दीदियों को इन निधियों का उपयोग अपनी क्षमता के अनुसार विभिन्न परियोजनाओं में करने की स्वतंत्रता होगी, जिससे उनके उद्यमों को नई पहचान मिल सकेगी।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
सरकार का यह कदम ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर बिहार के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह राशि सीधे तौर पर जीविका दीदियों के हाथों में जाएगी, जिससे वे अपने कौशल और उद्यमशीलता का बेहतर उपयोग कर सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सीधे वित्तीय आवंटन से पारदर्शिता बढ़ेगी और विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेज़ी से होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह योजना ग्रामीण स्तर पर छोटे और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करेगी, जिससे स्थानीय उत्पादों को बाज़ार मिल सकेगा और ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन की समस्या में भी कमी आ सकती है।
जीविका दीदियों ने पहले भी विभिन्न सरकारी योजनाओं और सामाजिक बदलाव के कार्यक्रमों में अग्रणी भूमिका निभाई है। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर टीकाकरण अभियानों तक, उनकी सक्रिय भागीदारी ने ग्रामीण बिहार में कई सकारात्मक बदलाव लाए हैं। अब, जब उन्हें सीधे वित्तीय सहायता मिल रही है, तो उम्मीद है कि वे इसे और अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर ग्रामीण समुदायों को सशक्त करेंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




