back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 4, 2026
spot_img

Bhagalpur समेत बिहार के इन 6 जिलों में खुलेंगे 15 नए Tribal Student Hostels, आदिवासी छात्रों की बदलेगी तकदीर, जानें पूरी योजना

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Tribal Student Hostels: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में अब सुविधाओं का नया सवेरा होने जा रहा है, जहां आदिवासी छात्रों के सपनों को पंख लगाने के लिए सरकार ने मजबूत परवाज भरने की तैयारी कर ली है। राज्य सरकार ने आदिवासी छात्र-छात्राओं की शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। इस वर्ष बिहार के छह जिलों में आदिवासी छात्रों के लिए 15 नए छात्रावासों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे शिक्षा विभाग ने अपनी सहमति दे दी है।

- Advertisement -

नए Tribal Student Hostels से बदलेगी तस्वीर

जानकारी के अनुसार, कैमूर, किशनगंज, कटिहार, मधेपुरा, भागलपुर और पूर्णिया जिले में बनने वाले इन छात्रावासों के प्रस्ताव को अब वित्त विभाग से अनुमोदन के बाद मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। प्रत्येक छात्रावास के निर्माण पर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इन छात्रावासों में 100-100 छात्रों के रहने की व्यवस्था होगी, जिससे बड़ी संख्या में आदिवासी छात्र-छात्राओं को सीधे तौर पर लाभ मिल सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में पहले चरण के तहत इन 15 छात्रावासों का निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। इन छात्रावासों के भवनों का निर्माण भवन निर्माण विभाग के माध्यम से कराया जाएगा। सरकार की योजना यहीं नहीं रुकती, बल्कि दूसरे चरण में जहानाबाद, नवादा, बक्सर और दरभंगा जैसे जिलों में भी नए आदिवासी छात्रावास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar News: Nitish का मास्टरस्ट्रोक! 725 नए बाजार और हाट से बदलेगी किसानों की किस्मत, जानें कब शुरू होगा काम

क्या है पीएम जनमन योजना और कैसे मिलेगा लाभ?

इन सभी छात्रावासों का निर्माण केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम जनमन योजना के तहत किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को मुख्यधारा से जोड़ना है। इसका पूरा नाम ‘प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान’ है, जिसके अंतर्गत आदिवासी समुदायों को पक्के आवास, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसर जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना लक्ष्य है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

इस योजना के वित्तीय ढांचे में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत राशि का योगदान देगी। छात्रावास में रहने वाले 15 से 18 वर्ष आयुवर्ग के सात जनजातीय समूहों के सभी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आवास सुविधा दी जाएगी। छात्रों को पौष्टिक और नियमित भोजन मिल सके, इसके लिए छात्रावास परिसर में ही कैंटीन की व्यवस्था भी की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

छात्रावासों में पढ़ाई के बेहतर माहौल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सामान्य कक्षाओं के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी पूरा सहयोग मिलेगा। छात्रों के ज्ञान को बढ़ाने के लिए उन्हें हिंदी और अंग्रेजी के दैनिक अखबारों के साथ-साथ परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण पत्रिकाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि इन छात्रावासों के निर्माण से आदिवासी छात्र-छात्राओं की शिक्षा में निरंतरता आएगी और वे आर्थिक व सामाजिक बाधाओं से मुक्त होकर अपना भविष्य संवार सकेंगे। यह पहल न केवल शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाएगी, बल्कि आदिवासी समाज को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

रश्मिका मंदाना विजय देवरकोंडा वेडिंग: ‘विरोश’ की शादी के बाद ग्रैंड रिसेप्शन ने सोशल मीडिया पर मचाई धूम!

Rashmika Mandanna Vijay Deverakonda Wedding: साउथ सिनेमा के सबसे चहेते कपल रश्मिका मंदाना और...

Madhubani Road Accident: बेनीपट्टी में पेड़ से टकराई तेज रफ्तार बाइक, युवक की दर्दनाक मौत, दूसरा गंभीर

Madhubani Road Accident: सड़क पर रफ्तार का कहर एक बार फिर मौत का सबब...

Thalapathy Vijay News: सिनेमा से सियासत तक, थलपति विजय ने भरी हुंकार, डीएमके सरकार पर जमकर बरसे!

Thalapathy Vijay News: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय, जो अब राजनीति के मैदान...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें