पटना न्यूज़: पटना वालों, अब आपके घरों की छतें सिर्फ कंक्रीट का जंगल नहीं रहेंगी. सरकार एक ऐसी शानदार योजना लेकर आई है, जिससे आपकी छतें हरे-भरे खेतों में तब्दील हो जाएंगी और आप साल भर ताज़ी और केमिकल-फ्री सब्जियां खा सकेंगे. सबसे बड़ी बात यह है कि इस काम में आने वाले खर्च का 75% हिस्सा सरकार उठाएगी.
क्या है ‘छत पर बागवानी’ योजना?
बिहार सरकार ने शहरी क्षेत्रों में हरियाली को बढ़ावा देने और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के मकसद से ‘छत पर बागवानी’ योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत, पटना के शहरी निवासियों को अपने घरों की छतों पर जैविक तरीके से सब्जियां, फल और फूल उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. सरकार का मानना है कि इससे न केवल परिवारों को पोषण से भरपूर भोजन मिलेगा, बल्कि शहर के बढ़ते प्रदूषण के स्तर को कम करने में भी मदद मिलेगी.
इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी निवासियों को कृषि से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. घर की छत पर उगी सब्जियों में बाजार में मिलने वाले हानिकारक कीटनाशकों का खतरा नहीं होता, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित होती हैं.
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कैसे मिलेगा 75% सब्सिडी का लाभ?
इस योजना को लोगों के लिए आकर्षक बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ी सब्सिडी का प्रावधान किया है. छत पर बागवानी का सेट-अप लगाने में जो भी लागत आएगी, उसका 75 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी. आवेदक को केवल 25 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा. इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
इच्छुक व्यक्ति संबंधित विभाग में जाकर या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद, विभाग की टीम आपके घर का सर्वेक्षण कर छत की उपयुक्तता की जांच करेगी और मंजूरी मिलने पर बागवानी सेट-अप लगा दिया जाएगा. इस सेट-अप में आमतौर पर ये चीजें शामिल होती हैं:
- गमले या ग्रो-बैग्स
- जैविक खाद और मिट्टी का मिश्रण
- मौसमी सब्जियों और फलों के बीज या पौधे
- सिंचाई के लिए जरूरी उपकरण
पर्यावरण और सेहत के लिए एक बेहतरीन कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना शहरी जीवन के लिए एक वरदान साबित हो सकती है. इससे न केवल घर की रसोई का बजट कम होगा, बल्कि कई अन्य फायदे भी होंगे. घर में हरियाली होने से मानसिक तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इसके अलावा, छत पर बगीचा होने से घर गर्मियों में ठंडा रहता है, जिससे एयर कंडीशनर (एसी) पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है. यह योजना पटना को एक हरा-भरा और स्वस्थ शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.






