

Patna News: Sasamusa Sugar Mill: जिस मिल की मशीनों का शोर शांत हुए अरसा बीत गया, उसकी धड़कनें फिर से लौटाने की तैयारी है। बिहार सरकार ने गोपालगंज की इस बंद पड़ी चीनी मिल को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है, जिससे हजारों किसानों के चेहरों पर उम्मीद की चमक लौट आई है।
सरकार ने बनाई सासामुसा चीनी मिल को लेकर ठोस योजना
शनिवार को पटना के बामेती में आयोजित एक गन्ना किसान संगोष्ठी में राज्य के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने यह स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार मिल को फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार और ईख आयुक्त अनिल कुमार झा समेत कई बड़े अधिकारी भी मौजूद थे।
मंत्री संजय कुमार ने सरकार की नीति पर प्रकाश डालते हुए कहा, “सरकार ने न केवल बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से खोलने का, बल्कि नई मिलों की स्थापना का भी निर्णय लिया है।” उन्होंने बताया कि इस कार्य की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी लगातार काम कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने वहां मौजूद गन्ना किसान से आग्रह किया कि वे गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाएं ताकि मिलों को पर्याप्त कच्चा माल मिल सके।मंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि कभी बिहार में 12 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती थी, लेकिन जल-जमाव के कारण यह काफी घट गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्होंने बताया कि लगभग 66 हजार एकड़ भूमि जल-जमाव के कारण बेकार पड़ी है और सरकार इस समस्या के समाधान के लिए भी योजना पर काम कर रही है।
बिहार का खोया चीनी गौरव लौटाने का संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने बिहार के गौरवशाली अतीत को याद करते हुए कहा कि एक समय था जब देश में सबसे ज्यादा चीनी का उत्पादन बिहार में होता था। उन्होंने कहा, “उस गौरव को वापस लाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि बंद मिलों को खोलना है और नई मिलें लगानी हैं।” उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीम भावना से काम करने पर जोर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।ईख आयुक्त अनिल कुमार झा ने भी किसानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप काम करके हमें चीनी उत्पादन में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। इस मौके पर कृषि वैज्ञानिकों ने भी अपनी राय रखी। वैज्ञानिक डॉ. बक्शी राम ने जल-जमाव वाले क्षेत्रों के लिए उत्तम किस्म के बीज और उर्वरकों के सही इस्तेमाल की सलाह दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, डॉ. एके मल्ल ने गन्ने की खेती को उद्यमिता से जोड़ने का सुझाव दिया।इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जो सरकार के इस कदम से काफी आशान्वित दिखे।



