
Bihar Revenue Officer Strike: बिहार में अफसरशाही और सरकार के बीच तनातनी का पारा चढ़ गया है, और अब प्रशासन का चाबुक हड़ताली अंचल अधिकारियों पर जमकर चल रहा है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनसेवा में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
Bihar Revenue Officer Strike: 69 अधिकारियों को थमाया गया कारण बताओ नोटिस
बिहार में सरकार के निर्देशों की अवहेलना कर सामूहिक अवकाश पर गए अधिकारियों के खिलाफ अब बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 69वीं बीपीएससी बैच के 69 नवनियुक्त अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग के उपसचिव संजय कुमार सिंह द्वारा जारी इस नोटिस में कहा गया है कि इन अधिकारियों द्वारा लिया गया सामूहिक अवकाश अवैध है और इसे सेवा में नहीं गिना जाएगा। इन अधिकारियों पर 25 मार्च तक अपने पद पर योगदान न देकर सरकारी आदेशों की अवहेलना करने का आरोप है, जो बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के नियम 3(1) का सीधा उल्लंघन है। विभाग ने पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाए। सभी को 13 अप्रैल तक जवाब देने का समय दिया गया है, अन्यथा एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह कार्रवाई गया, रोहतास और मधुबनी समेत राज्य के 24 जिलों में तैनात अधिकारियों पर की गई है।
‘नो वर्क, नो पे’ लागू, छिनी गईं सरकारी गाड़ियां और चाबियां
हड़ताली अंचल अधिकारियों (CO) पर नकेल कसते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कई कड़े फैसले लिए हैं। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि हड़ताल में शामिल CO से अभिलेख की चाबी और सरकारी गाड़ी तत्काल वापस ले ली जाए। इन अधिकारियों पर ‘नो वर्क, नो पे’ का सिद्धांत लागू कर दिया गया है, जिसका अर्थ है कि हड़ताल की अवधि का उन्हें कोई वेतन नहीं मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग ने यह भी माना है कि प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को दिया गया अतिरिक्त प्रभार काफी नहीं था, इसलिए अब सीधे वरिष्ठ राजस्व कर्मचारियों को अंचलों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इन अधिकारियों को पूर्ण वित्तीय अधिकार भी मिलेंगे ताकि दाखिल-खारिज, परिमार्जन, मापी और अतिक्रमण हटाने जैसे आम जनता से जुड़े काम प्रभावित न हों।
घूसखोरी पर जीरो टॉलरेंस, 15 अप्रैल तक बर्खास्तगी का आदेश
सरकार ने न केवल हड़ताल पर बल्कि भ्रष्टाचार पर भी कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें स्पष्ट निर्देश है कि जो भी राजस्व अधिकारी या कर्मचारी घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए हैं और जेल में बंद हैं, उन पर 15 अप्रैल तक सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई पूरी की जाए। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद कई जिलों में ऐसे मामलों के लंबित रहने पर मंत्री ने खेद व्यक्त किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। विभाग ने जेल में बंद आरोपी राजस्व कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई चलाने के लिए भी गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत जेल अधीक्षक के माध्यम से आरोप-पत्र तामिल कराया जाएगा और 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा जाएगा।
जनता का काम नहीं रुकेगा: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जनसेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “हड़ताल के नाम पर राजस्व सेवाएं बाधित करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। एक अप्रैल से हर अंचल में काम सुचारु रूप से चलेगा और जो अधिकारी अनुपस्थित रहेंगे, उनकी जगह तत्काल दूसरे अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।” सरकार के इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाने और यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है कि आम जनता के काम प्रभावित न हों। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी अंचल खाली नहीं रहेगा और हड़ताल में शामिल न होने वाले अधिकारियों को रिक्त अंचलों का अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा।




