

Bihar Greenfield Corridor: सपनों की पगडंडी अब हकीकत की रफ्तार पकड़ने वाली है, बिहार के विकास को एक नई उड़ान मिलने जा रही है। यह महज एक सड़क नहीं, बल्कि प्रगति की वह धुरी है जो प्रदेश के एक छोर को दूसरे से जोड़ेगी और पड़ोसी देश नेपाल तक कनेक्टिविटी का नया अध्याय लिखेगी।
बिहार ग्रीनफील्ड कॉरिडोर: सुपौल से बांका तक का महत्वाकांक्षी सफर
बिहार सरकार एक विशाल और महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम कर रही है, जिसके तहत सुपौल से बांका तक लगभग 225 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 8000 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो प्रदेश की आधारभूत संरचना के लिए एक बड़ा निवेश है। यह कॉरिडोर राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को आपस में जोड़ेगा, जिससे आवागमन सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
यह मार्ग नेपाल की राजधानी काठमांडू से सीधे जुड़ेगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस कनेक्टिविटी से न केवल बिहार के लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि नेपाल के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण लिंक साबित होगा।
इस कॉरिडोर में सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पर गंगा नदी पर बन रहा फोरलेन पुल एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पुल कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा और उत्तरी बिहार को दक्षिणी बिहार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और समग्र बिहार विकास को गति मिलेगी।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और माल ढुलाई भी आसान हो जाएगी। यह बिहार को एक आधुनिक और विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
कॉरिडोर के निर्माण से संबंधित सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द ही इस पर काम शुरू होने की उम्मीद है। यह राज्य सरकार की दूरगामी सोच का परिणाम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आर्थिक उन्नति का नया मार्ग प्रशस्त करेगा यह कॉरिडोर
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय असंतुलन को कम करना और दूरदराज के इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ना है। हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच दूरी कम होगी, जिससे लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। यह केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बिहार विकास की एक नई परिभाषा गढ़ेगा।
सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, भागलपुर और बांका जैसे जिलों से गुजरने वाला यह कॉरिडोर इन क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसानों, व्यापारियों और यात्रियों सभी के लिए यह एक वरदान साबित होगा। सरकार इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।



