बिहार हेडमास्टर नियुक्ति: शिक्षा के मंदिर गढ़ने वाले, भविष्य के शिल्पकार अब अपने नियत स्थान पर पहुंचने को तैयार हैं। बिहार में उत्क्रमित और नवस्थापित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पदों पर लंबे इंतजार के बाद आखिरकार 896 अभ्यर्थियों को प्रमंडल और जिले आवंटित कर दिए गए हैं, जिससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई गति मिलेगी।
बिहार हेडमास्टर नियुक्ति: 896 प्रधानाध्यापकों को मिली नई मंजिल, शिक्षा विभाग ने जारी की सूची
बिहार हेडमास्टर नियुक्ति: आवंटन प्रक्रिया का पूरा खाका
पटना। बिहार में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, राज्य के उत्क्रमित एवं नवस्थापित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पदों पर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा अनुशंसित कुल 896 अभ्यर्थियों को मेरिट-कम-च्वाइस के आधार पर उनके प्रमंडल और जिले आवंटित कर दिए गए हैं। इनमें वे 77 प्रधानाध्यापक भी शामिल हैं, जो पहले ही पद पर योगदान दे चुके थे, लेकिन अब उन्हें नए सिरे से प्रमंडल और जिलों का आवंटन मिला है।
शिक्षा विभाग के निदेशक (प्राथमिक) विक्रम विरकर ने इस संबंध में सभी संबंधित जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार, बीपीएससी द्वारा उत्क्रमित एवं नवस्थापित उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक पदों पर नियुक्ति के लिए अनुशंसित अभ्यर्थियों को पिछले वर्ष 30 जून को भी प्रमंडल और जिले आवंटित किए गए थे। इसके बाद, 11 जुलाई को प्रखंड आवंटन के बाद, आवंटित प्रखंडों के तहत सॉफ्टवेयर का उपयोग करके रैंडमाइजेशन के माध्यम से विद्यालयों का आवंटन किया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
29 अगस्त को उन सभी अनुशंसित अभ्यर्थियों से, जिन्होंने सफलतापूर्वक काउंसलिंग पूरी कर ली थी लेकिन आवंटित विद्यालयों में योगदान नहीं दिया था, ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से 1 सितंबर से 10 सितंबर तक पुनः तीन-तीन प्रमंडल-जिले के विकल्प मांगे गए। इसी अवधि में, वे अभ्यर्थी जिन्होंने पहले से आवंटित विद्यालयों में योगदान दे दिया था और प्रमंडल-जिला-प्रखंड में परिवर्तन चाहते थे, उनसे भी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 1 सितंबर से 10 सितंबर तक शिकायतें (ग्रीवांस) प्राप्त की गईं। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे बीपीएससी स्कूल भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
आवेदन की अंतिम तिथि तक कुल 8129 अभ्यर्थियों द्वारा पुनः विकल्प प्रस्तुत किए गए, जबकि 77 अभ्यर्थियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इस तरह, दोनों श्रेणियों के अभ्यर्थियों को मिलाकर अंतिम रूप से 896 अभ्यर्थियों के आवंटन पर विचार किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अगले कदम और उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया
इन सभी 896 अभ्यर्थियों के प्रमंडल-जिला आवंटन पर विचार करने के लिए गठित समिति की बैठक में मेरिट-कम-च्वाइस के आधार पर सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रमंडल का आवंटन करने का निर्णय लिया गया। इसी के आलोक में, इन अभ्यर्थियों को उनके द्वारा दिए गए प्रथम, द्वितीय और तृतीय विकल्पों के अनुरूप ही प्रमंडलों का आवंटन करने की अनुशंसा की गई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इस संबंध में सूची अब जारी कर दी गई है, जिससे हजारों उम्मीदवारों का इंतजार खत्म हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

