



Patna News: जैसे पुरानी शराब का नशा गहरा होता है, वैसे ही सदियों पुरानी चिकित्सा पद्धतियां आज की नई बीमारियों के लिए रामबाण साबित हो रही हैं। बिहार सरकार भी अब इसी राह पर चलते हुए यूनानी पद्धति को संजीवनी देने में जुट गई है।
Patna News: ज्ञान भवन में क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री
Patna News की रिपोर्ट के अनुसार, विश्व यूनानी दिवस के अवसर पर पटना के ज्ञान भवन में एक भव्य वैज्ञानिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आधुनिक और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यूनानी चिकित्सा पद्धति हमें प्राकृतिक उपचार, संतुलित आहार और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार यूनानी चिकित्सा पद्धति को तेजी से बढ़ावा दे रही है और युवाओं के लिए इस क्षेत्र में भविष्य की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि सरकार इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य कर रही है, जिसमें पटना के राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल के नए भवन का निर्माण कार्य भी शामिल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। निर्माण कार्य पूरा होने पर यहां यूनानी पद्धति से चिकित्सा, शिक्षा और अन्य सुविधाओं का विस्तार होगा।
राज्य के सभी जिलों में आयुष औषधालय, 30 राजकीय यूनानी औषधालय के साथ-साथ लगभग 11 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मरीजों को इलाज और दवा की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। राजकीय तिब्बी कॉलेज अस्पताल में हर साल स्नातक के लिए 125 और स्नातकोत्तर के लिए 21 छात्र-छात्राओं का नामांकन हो रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
क्यों खास है यूनानी चिकित्सा पद्धति?
कार्यक्रम में समिति के कार्यपालक निदेशक वैभव चौधरी ने बताया कि यूनानी दिवस महान चिकित्सक हकीम अजमल खान की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिन्होंने इस पद्धति के संरक्षण और प्रसार में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। वहीं, प्रशासी पदाधिकारी मो. शफीक ने कहा कि यह एक प्राचीन, समग्र और वैज्ञानिक स्वास्थ्य प्रणाली है। यह पद्धति केवल रोग के लक्षण नहीं, बल्कि उसके मूल कारण पर ध्यान केंद्रित करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह यूनानी चिकित्सा औषधियों, जड़ी-बूटियों और संतुलित जीवनशैली के माध्यम से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।
इन चिकित्सकों को किया गया सम्मानित
इस संगोष्ठी के दौरान राज्य भर में यूनानी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई चिकित्सकों को प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में शामिल हैं:
- डॉ. मो. वसीमुद्दीन
- डॉ. मो. फजलुल्लाह कादरी
- डॉ. मो. फकरूल हक
- डॉ. मो. ग्यासुद्दीन
- डॉ. मो. मोजफ्फरूल
- डॉ. महफूज उर रहमान
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव शैलेष कुमार, संयुक्त सचिव अनुपमा सिंह, बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी शशांक शेखर सिन्हा, और आलोक कुमार समेत कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




