
बिहार हीटवेव: बिहार में गर्मी का सितम जारी है और आने वाले दिनों में यह और बढ़ने वाला है। 25 मई से ‘नौतपा’ शुरू हो रहा है, जिसे अत्यधिक गर्मी के लिए जाना जाता है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भीषण लू और बढ़ते तापमान को लेकर चेतावनी जारी की है।
बिहार में हीटवेव का बढ़ता प्रकोप और नौतपा की चुनौती
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ‘नौतपा’ 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक चलेगा। इस अवधि में सूरज की तपिश और बढ़ जाती है, जिससे तापमान में तेज बढ़ोतरी होती है और उत्तरी भारत में गंभीर लू की स्थिति बनने की संभावना बढ़ जाती है। बिहार के बड़े हिस्से शनिवार को भी भीषण गर्मी की चपेट में रहे, जहां कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया।
- डेहरी: 45.1 डिग्री सेल्सियस
- भभुआ: 44.4 डिग्री सेल्सियस
- बक्सर: 43.5 डिग्री सेल्सियस
- शेखपुरा: 43.2 डिग्री सेल्सियस
- औरंगाबाद: 43.1 डिग्री सेल्सियस
- पटना: 41.1 डिग्री सेल्सियस
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कम से कम 13 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। इस भीषण गर्मी के बीच, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
जनजीवन पर लू का असर और स्वास्थ्य जोखिम
गर्मी और लू के लंबे प्रकोप से बिहार में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तेज धूप और उच्च आर्द्रता ने बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। पटना में ऐसी खबरें आने के बाद कि अत्यधिक गर्मी से वाहनों के टायर सड़क पर फट रहे हैं, अधिकारियों ने सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है। यात्रियों को गर्मी से अस्थायी राहत पाने के लिए पानी के छिड़काव के पास इकट्ठा होते देखा गया।
मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक मौसम की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान लगाया है। पूर्वानुमानों के अनुसार, 24 मई को लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है और अधिकांश जिलों में शुष्क मौसम रहेगा। 25 मई के बाद कुछ इलाकों में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन दक्षिण बिहार के पश्चिमी और मध्य भाग में भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 25 मई से मुजफ्फरपुर जिले के लिए भी लू की नई चेतावनी जारी की है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के नोडल अधिकारी अब्दुस सत्तार ने बताया कि हाल की बारिश के बाद तापमान फिर से तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
चिकित्सकों और मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अत्यधिक सौर तीव्रता के कारण बाहर निकलना विशेष रूप से खतरनाक होगा। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान गर्मी के लंबे समय तक संपर्क में रहने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं:
- हीटस्ट्रोक
- गंभीर सिरदर्द
- चक्कर आना
- उल्टी
- कमजोरी
- बेहोशी
गंभीर मामलों में, अत्यधिक गर्मी जानलेवा भी हो सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से कमजोर बताया गया है। गर्मी के इन गंभीर प्रभावों की जानकारी आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
गर्मी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
चिकित्सा विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है:
- दोपहर के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचें।
- बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढक कर रखें।
- नियमित रूप से पानी और ओआरएस (ORS) पीते रहें।
- जितना संभव हो छायादार या ठंडी जगहों पर रहें।
- खाली पेट घर से बाहर न निकलें।
उन्होंने तरबूज, खीरा, खरबूजा, दही और छाछ जैसे ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों के सेवन की भी सलाह दी है। डॉक्टरों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में अत्यधिक चक्कर आने या गर्मी से थकावट के लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत छायादार जगह पर ले जाना चाहिए और तरल पदार्थ या ओरल रिहाइड्रेशन घोल (ORS) देना चाहिए। इन उपायों का पालन करके बिहार हीटवेव के खतरों से बचा जा सकता है।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







