
Bihar Home Department: बिहार के गृह विभाग में अब कामचोरी नहीं चलेगी! अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने विभाग की कमान संभालते ही प्रशासनिक कसावट और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ताबड़तोड़ फैसले लिए हैं। लंबित फाइलों से लेकर पुलिस के आधुनिकीकरण तक, हर मोर्चे पर डेडलाइन तय कर दी गई है।
पटना में आयोजित गृह विभाग की उच्चस्तरीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव चौधरी ने पुलिस सेवा, विधि-व्यवस्था और लंबित सरकारी कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान विभाग के सचिव, विशेष सचिव और सभी प्रशाखाओं के अधिकारी मौजूद रहे। यह बैठक विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लंबित फाइलों पर ‘डेडलाइन’: जवाबदेही तय
अपर मुख्य सचिव ने विभाग में लंबित पत्रों और फाइलों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में यह अनिवार्य रूप से बताया जाए कि कौन सा पत्र किस सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के पास कितनी अवधि से लंबित है। इसके साथ ही, CPGRAM पोर्टल पर लंबित 90 मामलों के त्वरित निष्पादन और विधानसभा की आश्वासन समिति से जुड़े मामलों की अद्यतन रिपोर्ट मई के पहले सप्ताह तक उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम भी दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पुलिस आधुनिकीकरण और Bihar Home Department की योजनाएँ
पुलिस विभाग को और सशक्त बनाने के लिए कई नई योजनाओं पर चर्चा हुई। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) द्वारा विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं (FSL) के विभिन्न पदों पर नियुक्ति हेतु नई नियमावली का प्रारूप तैयार कर लिया गया है, जिस पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, ‘अपराध नियंत्रण अधिनियम’ से संबंधित नई नियमावली को अधिसूचित करने और बिहार पुलिस अधिनियम में संशोधन के प्रारूप को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। शराबबंदी (ALTF), अपराध नियंत्रण और अवैध बालू निकासी जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने के लिए नए वाहनों की खरीद का प्रस्ताव भी दिया गया है। पर्व-त्योहारों के मद्देनजर विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु अतिरिक्त वाहनों या किराए की गाड़ियों के उपयोग की समीक्षा कर शीघ्र प्रस्ताव उपस्थापित करने को कहा गया है। जुआ अधिनियम और वामपंथी उग्रवाद से संबंधित मुआवजे के लंबित 337 मामलों पर भी त्वरित कार्रवाई का निर्देश मिला है।
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डिजिटल गवर्नेंस: ई-ऑफिस और पारदर्शी व्यवस्था की ओर बिहार
विभाग को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए सभी प्रशाखाओं में ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलें चलाने का सख्त आदेश दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और बिहार पुलिस सेवा के अधिकारियों का ‘परफॉरमेंस अप्रेजल रिपोर्ट’ (PAR) समय पर जेनरेट करने और बिहार पुलिस सेवा के पदाधिकारियों के पी.ए.आर. आलेखन हेतु प्राधिकार निर्धारण के बिंदु पर भी सहमति बनी है। बिहार गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) संगठन में पिछले दो दशकों (1997-98 से 2020-21) के दौरान हुए व्यय की बकाया राशि की प्रतिपूर्ति के लिए भारत सरकार को अभिलेख भेजने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए चालू सप्ताह में ही एक विशेष बैठक बुलाई गई है। वहीं, अग्निशमन सेवा में सृजित पदों के सापेक्ष नई नियुक्तियों और लंबित विभागीय मामलों की समीक्षा के लिए विभाग के सचिव जल्द ही महानिरीक्षक (IG) के साथ बैठक करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी के नेतृत्व में Bihar Home Department, बिहार में सुशासन और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।







