

Bihar Housing Scheme: बिहार की राजनीति में अक्सर योजनाओं पर बहस का बाजार गर्म रहता है, लेकिन जब बात आम आदमी के आशियाने की हो तो सदन भी तिलमिला उठता है। बजट सत्र के दौरान सदन में उठा एक ऐसा ही मुद्दा, जिसने आवास योजनाओं में कथित घोटाले और अवैध वसूली के दावों से खलबली मचा दी है।
Bihar Housing Scheme: बिहार विधानसभा में गूँजा आवास योजना में 25% तक कमीशन का मुद्दा, सरकार पर उठे सवाल
Bihar Housing Scheme: विधानसभा में गरमाई घूसखोरी पर बहस
बिहार विधानसभा के बजट सत्र का 17वां दिन सदन में तीखी बहस का गवाह बना। इस दिन राज्य की आवास योजना में कथित घूसखोरी और 25 प्रतिशत तक की अवैध वसूली का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। रीगा से विधायक बैद्यनाथ प्रसाद ने लाभुकों के चयन में बड़े पैमाने पर धांधली का सवाल उठाया, जिससे सदन का माहौल गर्म हो गया। विधायक प्रसाद ने आरोप लगाया कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को आवास योजना का लाभ देने के बजाय, उनसे अवैध रूप से कमीशन वसूला जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस गंभीर भ्रष्टाचार पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आरोप है कि आवास योजना के तहत लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता की कमी है, जिसके कारण अपात्र लोगों को लाभ मिल रहा है जबकि पात्र लाभार्थी दर-दर भटक रहे हैं। यह सिर्फ एक विधायक की आवाज नहीं थी, बल्कि बिहार के ग्रामीण इलाकों में व्याप्त एक गंभीर समस्या का प्रतिबिंब है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बिचौलियों को पैसा देने की शिकायतें आम हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
लाभुकों का दर्द और सरकारी जवाबदेही
विधानसभा में उठे इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। उनका कहना था कि यदि आवास जैसी मूलभूत आवश्यकता वाली योजना में ही 25 प्रतिशत तक की अवैध वसूली हो रही है, तो यह सुशासन के दावों पर प्रश्नचिह्न लगाता है। इस मसले पर संबंधित मंत्री से जवाब की मांग की गई, हालांकि विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। गरीब तबके के लोगों को आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता रही है, लेकिन अगर जमीनी स्तर पर ऐसे भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं तो यह योजना के मूल उद्देश्य को ही कमजोर करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आवास योजना में धांधली की जड़ें
यह पहली बार नहीं है जब बिहार में आवास योजनाओं में धांधली के आरोप लगे हैं। पूर्व में भी कई जिलों से ऐसी शिकायतें आती रही हैं। बिचौलिए सक्रिय रहकर लाभार्थियों को मिलने वाली राशि से एक बड़ा हिस्सा हड़प लेते हैं। इससे लाखों गरीब परिवार आवास योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं और उनका अपने घर का सपना अधूरा रह जाता है। सरकार को इन आरोपों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

