

Bihar Illegal DJ: जब कान फाड़ती धुनें, ट्रैफिक नियमों की धज्जियां और सामाजिक ताना-बाना बिखरने लगे, तो हुकूमत का डंडा चलना लाज़मी हो जाता है। बिहार में अब ऐसे ही बेलगाम ‘अवैध डीजे’ वाहनों पर सरकार ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
Bihar Illegal DJ: बिहार में अब ‘अवैध डीजे’ पर चलेगा सरकार का बुलडोज़र, तैयार हुई बड़ी कार्रवाई की रूपरेखा
Bihar Illegal DJ: 15 दिनों में अवैध डीजे वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध, परिवहन मंत्री ने दिए निर्देश
बिहार में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण, ट्रैफिक नियमों की लगातार अनदेखी और कई सामाजिक विवादों की जड़ बन चुके अवैध डीजे वाहनों पर आखिरकार सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने गुरुवार को विधानपरिषद में स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि अगले 15 दिनों के भीतर बिना अनुमति चल रहे सभी डीजे वाहनों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मकसद राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना और नागरिकों को अनावश्यक शोरगुल से राहत दिलाना है।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब पूरे प्रदेश में शादी-विवाह, धार्मिक आयोजनों और अन्य समारोहों में डीजे का बेलगाम इस्तेमाल चिंता का विषय बन गया था। इन वाहनों से निकलने वाला अत्यधिक शोर बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। साथ ही, कई बार इन डीजे वाहनों के कारण ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों की स्थिति भी उत्पन्न होती रही है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले में कोई भी ढिलाई न बरतें। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में इस अभियान को पूरी मुस्तैदी के साथ लागू किया जाएगा। विशेष रूप से उन डीजे संचालकों पर कड़ी नजर रखी जाएगी जो तय मानकों से अधिक ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं और जिनके पास संचालन की वैध अनुमति नहीं है।
सरकार का यह कदम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
परिवहन मंत्री का कड़ा रुख: नियमों की अनदेखी अब नहीं चलेगी
मंत्री श्रवण कुमार ने सदन में कहा कि सरकार को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि अवैध डीजे वाहनों के कारण सामाजिक सद्भाव बिगड़ रहा है और कानून-व्यवस्था के समक्ष चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कई बार इन डीजे वाहनों का इस्तेमाल नियमों का उल्लंघन करते हुए देर रात तक किया जाता है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी होती है।
इस अभियान के तहत ऐसे सभी वाहनों को जब्त किया जाएगा और उनके मालिकों व चालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना लगाने के साथ-साथ वाहन का परमिट भी रद्द किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और शांति सर्वोपरि है, और इसमें किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह एक सराहनीय पहल है जो बिहार की जनता के लिए बेहतर और शांत वातावरण सुनिश्चित करेगी।
इस घोषणा के बाद अब देखना यह होगा कि जमीनी स्तर पर यह अभियान कितना सफल होता है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी इसमें सक्रिय भूमिका निभानी होगी ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके और अवैध डीजे वाहनों पर प्रभावी ढंग से लगाम कसी जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उम्मीद है कि यह अभियान बिहार में शोर-शराबे से मुक्ति दिलाकर एक स्वस्थ और अनुशासित माहौल बनाने में सहायक सिद्ध होगा।






