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Bihar IPS News: बिहार में IPS अधिकारियों की कार्यशैली-प्रदर्शन का होगा मूल्यांकन.. परफॉर्मेंस अप्रेजल से अब होगी काम की कड़ाई से जांच, नए नियम जारी

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आईपीएस परफॉर्मेंस अप्रेजल: बिहार के आईपीएस अधिकारियों को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है! अब उनकी कार्यशैली और प्रदर्शन का सालाना मूल्यांकन और भी सख्त होने वाला है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन के बाद बिहार गृह विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसका सीधा असर अधिकारियों की पदोन्नति और पोस्टिंग पर पड़ेगा। यह नई व्यवस्था प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से लाई गई है। अब हर अधिकारी के साल भर के कामकाज का लेखा-जोखा विस्तृत रेटिंग के आधार पर तैयार किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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सेल्फ अप्रेजल की नई डेडलाइन

जारी की गई नई टाइमलाइन के अनुसार, सभी आईपीएस अधिकारियों को 31 मई 2026 तक अपना ‘सेल्फ अप्रेजल’ (स्वयं का मूल्यांकन) जमा करना अनिवार्य होगा। इसमें अधिकारियों को अपनी उपलब्धियों, चुनौतीपूर्ण कार्यों और साल भर के प्रदर्शन का विवरण देना होगा। इसके बाद, संबंधित रिपोर्टिंग अथॉरिटी द्वारा इस स्व-मूल्यांकन की गहन समीक्षा की जाएगी। समय-सीमा का पालन न करने वाले अधिकारियों पर विभाग सख्त रुख अपना सकता है।

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आईपीएस परफॉर्मेंस अप्रेजल: मूल्यांकन प्रक्रिया और भविष्य की भूमिका

यह पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से संचालित की जाएगी, जिसे 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। रिपोर्टिंग अथॉरिटी की समीक्षा के बाद, वरिष्ठ अधिकारियों और रिव्यूइंग अथॉरिटी द्वारा अंतिम रेटिंग दी जाएगी। यह रेटिंग अधिकारियों के भविष्य के प्रमोशन, प्रतिनियुक्ति (Deputation) और महत्वपूर्ण पोस्टिंग में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इस प्रक्रिया से अधिकारियों की कार्यक्षमता का वास्तविक डेटा तैयार हो सकेगा। यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार है जो व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही

सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। अधिकारियों के प्रदर्शन पर सीधी नजर रखने से पुलिसिंग व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदर्शन-आधारित रेटिंग से न केवल अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। यह कदम राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगा और बिहार में आईपीएस परफॉर्मेंस अप्रेजल की नई मिसाल पेश करेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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