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मार्च, 11, 2026
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बिहार में 155.38 करोड़ से जेलों की सुरक्षा होंगी हाईटेक, सुधारगृह की फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क पर फोकस

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बिहार जेल सुरक्षा: जेल की दीवारों के पीछे भी अब कोई आंख बच नहीं पाएगी। हर कोने पर होगी डिजिटल निगाह, ताकि अपराध की जड़ों को भी अंदर से ही काटा जा सके।

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बिहार जेल सुरक्षा: अब हाईटेक होगी बिहार की जेलों की सुरक्षा, लगेंगे 9000 से ज्यादा CCTV कैमरे

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बिहार जेल सुरक्षा: राज्य सरकार ने प्रदेश की 53 जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व ढंग से मजबूत करने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में 9,073 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जो जेल परिसर के चप्पे-चप्पे पर पैनी निगाह रखेंगे। यह निर्णय सिर्फ नई स्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि 8 मौजूदा जेलों में भी पुरानी निगरानी प्रणाली को उन्नत किया जाएगा, जिससे संपूर्ण राज्य की जेलों में एक एकीकृत और आधुनिक सुरक्षा कवच तैयार हो सके। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए मंत्रिमंडल ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिसके क्रियान्वयन में 155.38 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी।

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राज्य सरकार का यह कदम जेलों को केवल बंदीगृह से आगे बढ़कर सुधार गृह बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इन कैमरों की स्थापना से जेलों के भीतर होने वाली अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा और साथ ही कैदियों व स्टाफ की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

बिहार जेल सुरक्षा: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पैनी नज़र

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, जेल परिसर के हर संवेदनशील और महत्वपूर्ण बिंदु पर कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें प्रवेश द्वार, सभी बैरक, गलियारे, मुलाकात स्थल, सुरक्षा चौकियां और अन्य संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं। इन स्थानों पर निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरों का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एक केंद्रीय आधुनिक निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी जो सभी कैमरों से प्राप्त फुटेज को रिकॉर्ड और संग्रहित करेगी। यह प्रणाली त्वरित डेटा विश्लेषण और आवश्यकता पड़ने पर फुटेज की तत्काल जांच की सुविधा भी प्रदान करेगी।

योजना में फील्ड स्तर पर आवश्यक आधारभूत संरचना को मजबूत करने का भी प्रावधान है। इसमें फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क बिछाना और प्रत्येक जेल में सुसज्जित निगरानी कक्ष विकसित करना शामिल है। इन तकनीकी प्रणालियों के सुचारु संचालन के लिए प्रशिक्षित मानव बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही, विशेषज्ञ परामर्श सेवाओं और किसी भी आकस्मिक जरूरत के लिए भी पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। https://deshajtimes.com/news/national/

तकनीकी रूपरेखा और भविष्य की राह

इस पूरी परियोजना का क्रियान्वयन बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बेल्ट्रॉन), पटना के माध्यम से किया जाएगा। बेल्ट्रॉन के मार्जिन सहित इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 155.38 करोड़ रुपये तय की गई है। सरकार का दृढ़ विश्वास है कि इस हाई-टेक निगरानी व्यवस्था से जेलों में सुरक्षा, अनुशासन और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे न केवल अवांछित गतिविधियों पर लगाम लगेगी, बल्कि किसी भी घटना की तत्काल जानकारी मिलने से समय पर कार्रवाई भी संभव हो सकेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कदम कारा प्रशासन की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ाएगा और जेल व्यवस्था को अधिक सुरक्षित तथा विश्वसनीय बनाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि जेलें सही मायने में सुधार और न्याय का केंद्र बनें।

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