Bihar Khad News: बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने यह जानकारी दी, साथ ही बताया कि खाद की कालाबाजारी और अवैध बिक्री रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
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खाद की उपलब्धता और कालाबाजारी पर नकेल
पटना में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि 11 जून, 2026 तक राज्य के सभी जिलों में किसानों की जरूरत के अनुसार खाद मौजूद है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभाग उर्वरकों की आपूर्ति पर लगातार निगरानी रख रहा है ताकि ये समय पर किसानों तक पहुंच सकें। सरकार ने जमाखोरी, कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है।
कृषि मंत्री के अनुसार, यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी जैसे सभी प्रमुख उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, इस समय 2.35 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.56 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 8.82 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 1.71 लाख मीट्रिक टन एमओपी और 1.17 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक मौजूद है। सरकार का दावा है कि खरीफ सीजन की कृषि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यह भंडार पर्याप्त है।
वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर
सरकार का ध्यान केवल खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वितरण प्रणाली को भी पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग ने पूरे राज्य में एक विशेष जांच अभियान शुरू किया है। मुख्यालय स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल और जिला कृषि अधिकारियों की टीमें लगातार दुकानों का निरीक्षण कर रही हैं।
जांच के दौरान पॉस (POS) मशीन में दर्ज स्टॉक और दुकान में मौजूद वास्तविक मात्रा का मिलान किया जा रहा है। अनियमितताएं पाए जाने पर विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 जून तक कुल 43 उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, 213 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी पर लगाम और किसानों से अपील
पड़ोसी देशों से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में भी उर्वरकों की तस्करी रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। विशेषकर नेपाल सीमा से लगे जिलों में खाद की अवैध तस्करी और काला कारोबार को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ समन्वय स्थापित किया है। इन संवेदनशील जिलों में विशेष छापेमारी अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सीमावर्ती जिलों में अब तक 19 प्रतिष्ठानों पर एफआईआर दर्ज की गई हैं, और 123 लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रखंड स्तर पर उर्वरक का आवंटन करते समय वास्तविक मांग और खेती के रकबे को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने राज्य के Bihar Kisan News के संदर्भ में किसानों से भी अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक दाम वसूले जाने की शिकायत मिलती है, तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें। सरकार ने आश्वासन दिया है कि ऐसी शिकायतों पर त्वरित जांच की जाएगी और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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राज्य सरकार का दावा है कि खरीफ खेती के इस महत्वपूर्ण दौर में किसानों के लिए उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही, वितरण प्रणाली पर निरंतर निगरानी और अवैध व्यापार के खिलाफ अभियान को और तेज किया जा रहा है, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके और कृषि कार्य किसी भी तरह से बाधित न हों।







