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फ़रवरी, 14, 2026
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Bihar Land Record: बिहार लैंड रिकॉर्ड अब घर बैठे… मिलेगी पुरानी जमीन रजिस्ट्री, जून से कीजिए ऑनलाइन डाउनलोड… चप्पलें नहीं घिसेंगी

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Bihar Land Record: कभी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते चप्पलें घिस जाती थीं, मगर अब वह दौर खत्म। सरकार ने ऐसा डिजिटल द्वार खोला है, जिससे सारी जद्दोजहद बीते दिनों की बात हो जाएगी।

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बिहार लैंड रिकॉर्ड: घर बैठे मिलेगी पुरानी जमीन रजिस्ट्री, जून से ऑनलाइन डाउनलोड शुरू

बिहार लैंड रिकॉर्ड: बिहार में जमीन से जुड़े पुराने दस्तावेज अब डाउनलोड कर सकेंगे

बिहार लैंड रिकॉर्ड: बिहार में जमीन से जुड़े पुराने दस्तावेज और रजिस्ट्री के पेपर प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने का झंझट अब समाप्त होने वाला है। राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घोषणा की है कि जून महीने से लोग अपने पुराने भू-अभिलेख ऑनलाइन माध्यम से डाउनलोड कर सकेंगे। यह सुविधा लाखों भूमि मालिकों और खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, जो अब घर बैठे ही अपनी जमीन से संबंधित महत्वपूर्ण कागजात प्राप्त कर सकेंगे।

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इस नई व्यवस्था के तहत, नागरिकों को केवल ऑनलाइन निर्धारित फीस जमा करनी होगी, जिसके बाद वे अपनी आवश्यकतानुसार पुराने दस्तावेज डाउनलोड कर पाएंगे। यह कदम न केवल समय बचाएगा बल्कि प्रक्रिया में पारदर्शिता भी लाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब जमीन की खरीद-बिक्री और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी आएगी।

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दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति और आसान प्रक्रिया

यह पहल भूमि सुधार विभाग द्वारा की गई है ताकि जमीन से संबंधित सभी सेवाओं को डिजिटल बनाया जा सके। पहले, लोगों को वर्षों पुराने दस्तावेजों के लिए अंचलाधिकारी कार्यालय, रजिस्ट्री कार्यालय या भूमि राजस्व विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिसमें काफी समय और पैसा खर्च होता था। कई बार तो लोगों को अपने काम के लिए कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब इस परेशानी से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

ऑनलाइन प्रक्रिया का पूरा विवरण

इस नई प्रणाली के तहत, जून से एक विशेष पोर्टल के माध्यम से पुराने दस्तावेजों को डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध होगी। उपयोगकर्ताओं को पोर्टल पर लॉग इन करना होगा, आवश्यक जानकारी जैसे कि खाता संख्या, खेसरा संख्या, या रजिस्ट्री संख्या दर्ज करनी होगी, और फिर निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। शुल्क का भुगतान सफलतापूर्वक होने के बाद, दस्तावेज डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। यह प्रक्रिया बेहद सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाई गई है।

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभदायक होगी जिन्हें दूरदराज के इलाकों से आकर दफ्तरों में काम करवाना पड़ता था।

डिजिटलीकरण से जनता को लाभ

सरकार का यह कदम डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे न केवल जनता को सुविधा मिलेगी, बल्कि सरकारी विभागों के काम में भी कुशलता आएगी। भू-अभिलेखों का डिजिटल होना उनके सुरक्षित भंडारण को भी सुनिश्चित करेगा और भविष्य में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या हेराफेरी की संभावना को कम करेगा। यह बिहार के विकास और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करेगा कि हर व्यक्ति को अपनी संपत्ति के रिकॉर्ड तक आसान और तेज पहुंच मिल सके।

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