

Bihar Land Records: एक ऐसी पहल जो बिहार की जमीन से जुड़ी सदियों पुरानी उलझनों को सुलझाने का माद्दा रखती है, जहां कागजात गुम होना या ना मिलना आम बात है। अब बिहार सरकार उन गुमनाम योद्धाओं को सम्मानित करेगी जो ऐसे दस्तावेजों को ढूंढ निकालेंगे।
Bihar Land Records: बिहार में भू-योद्धा सम्मान से मिलेगी गुमशुदा जमीन के दस्तावेजों को नई पहचान, उपमुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान
Bihar Land Records: जमीन के गुमशुदा दस्तावेज़ों की तलाश और भू-योद्धा सम्मान
बिहार में अब जमीन के उन दस्तावेजों को ढूंढ निकालने वालों को ‘भू योद्धा’ का सम्मान मिलेगा, जिनके कागजात गुम हो चुके हैं या उपलब्ध नहीं हैं। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने इस महत्वपूर्ण घोषणा का ऐलान किया है, जिसका मकसद राज्य के भू-अभिलेखों की जटिलता को कम करना और पारदर्शिता लाना है। यह पहल उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जिनकी जमीनों के कागजात न होने से वे कानूनी अड़चनों का सामना कर रहे हैं।
दरअसल, यह मामला बजट सत्र के दौरान विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक विधायक द्वारा भू-अभिलेखों से जुड़े सवाल उठाने के बाद गरमा गया था। विधायक ने सरकार का ध्यान उन जमीनों की ओर खींचा, जिनके मालिक होने के बावजूद लोगों के पास वैध दस्तावेज नहीं हैं, जिससे उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकार ने इस गंभीर मुद्दे को संज्ञान में लिया और समाधान के तौर पर ‘भू योद्धा’ सम्मान की घोषणा की है। इस योजना के तहत ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा जो गुमशुदा या अनुपलब्ध भू-अभिलेख बिहार की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कदम न केवल भूमि विवादों को कम करेगा बल्कि राजस्व संग्रह में भी सुधार लाएगा।
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि यह सम्मान उन लोगों को मिलेगा जो अपनी सूझबूझ और मेहनत से सालों से दबे या गुम हुए दस्तावेजों को फिर से सामने लाएंगे। यह एक अभिनव प्रयास है जो नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा और राज्य के राजस्व विभाग को भी सहायता प्रदान करेगा। इससे जमीन से जुड़े फ्रॉड पर भी लगाम लगने की उम्मीद है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
भू-अभिलेखों की जटिलता सुलझाने की नई रणनीति
इस घोषणा के बाद, राज्य में जमीन के दस्तावेजों को खोजने का एक अभियान सा शुरू हो सकता है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल पुराने और अटके हुए मामलों का निपटारा होगा, बल्कि भविष्य में भी भूमि संबंधी विवादों को रोकने में मदद मिलेगी। ‘भू योद्धा’ सम्मान योजना का पूरा खाका जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा, जिसमें योग्यता मानदंड और सम्मान प्रक्रिया का विस्तृत विवरण होगा। यह दिखाता है कि सरकार भूमि सुधारों को लेकर कितनी गंभीर है और जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान चाहती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



