बिहार भूमि रिकॉर्ड्स: जमीन के कागजात और मालिकाना हक की पेचीदगियां अक्सर आम आदमी के लिए सिरदर्द बन जाती हैं। इन्हीं उलझनों को सुलझाने और व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बिहार सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।
बिहार भूमि रिकॉर्ड्स: डीसीएलआर की भूमिका और चुनौतियां
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अपनी विभिन्न योजनाओं और लंबित मामलों की गहन समीक्षा के लिए कमर कस ली है। इसी क्रम में 6 जनवरी को राज्यभर के डीसीएलआर (उप समाहर्ता भूमि सुधार) की एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई है। यह बैठक विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल की अध्यक्षता में दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें भूमि सुधार कार्यों की मौजूदा प्रगति और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह कदम राज्य में भूमि संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बैठक का मुख्य एजेंडा दाखिल-खारिज से लेकर ई-मापी तक के सभी अहम बिंदुओं को कवर करेगा। इसमें लंबित दाखिल-खारिज के मामलों की स्थिति, ई-मापी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, अतिक्रमण हटाओ अभियान, भू-सर्वेक्षण के कार्य में तेजी लाने और अन्य भूमि संबंधित सेवाओं की समीक्षा की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग का लक्ष्य है कि आम जनता को भूमि संबंधी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े और उन्हें समय पर न्याय मिल सके।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी-अपनी अंचलों और अनुमंडलों में चल रहे सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट के साथ बैठक में उपस्थित हों। इस दौरान उन कारणों की पहचान की जाएगी, जिनके चलते कई मामले लंबे समय से लंबित हैं और उनके समाधान के लिए ठोस उपाय सुझाए जाएंगे। खासकर दाखिल-खारिज बिहार में आने वाली समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भूमि सुधार की दिशा में सरकार के प्रयास
प्रधान सचिव सीके अनिल के नेतृत्व में होने वाली यह बैठक केवल एक समीक्षा बैठक नहीं है, बल्कि यह विभाग के लिए एक रोडमैप तैयार करेगी, जिससे भविष्य में भूमि विवादों को कम किया जा सके और राजस्व संग्रह को प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में डीसीएलआर को आने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों पर भी गौर किया जाएगा और उनके समाधान के लिए उच्च स्तर पर निर्णय लिए जाएंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक के बाद भूमि संबंधी सेवाओं में एक नई गति आएगी और आम लोगों को त्वरित लाभ मिल सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकार का प्रयास है कि बिहार में भूमि प्रशासन को पूरी तरह से डिजिटल और त्रुटिहीन बनाया जाए, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगे और पारदर्शिता बढ़े। इस पहल से राज्य की राजस्व प्रणाली में सुधार के साथ-साथ आम जनता का सरकार पर विश्वास भी बढ़ेगा।





