Bihar Land Registry: अब शुभ-अशुभ की परवाह नहीं, बस मुनाफा दिख रहा है। खरमास, जो आमतौर पर मांगलिक कार्यों के लिए वर्जित होता है, इन दिनों बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री का नया रिकॉर्ड बना रहा है, तोड़ रहा है सारे मिथक और दिखा रहा है नए वित्तीय वर्ष से पहले की तेजी।
Bihar Land Registry: खरमास में भी जमीनों की बंपर खरीद-बिक्री, जानें क्या कहते हैं आंकड़े!
खरमास में क्यों बढ़ी Bihar Land Registry?
आम तौर पर हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है। लेकिन बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री करने वाले लोग इस परंपरा को दरकिनार करते हुए जमकर रजिस्ट्री करवा रहे हैं। नए साल के शुरुआती तीन दिनों में ही 500 से अधिक प्लॉटों की रजिस्ट्री हो चुकी है, जो दिखाता है कि लोग अब ज्योतिषीय मान्यताओं से अधिक वित्तीय अवसरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, और इस नई प्रवृत्ति पर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सहायक महानिरीक्षक (AIG) राकेश कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया है कि बढ़ती मांग को देखते हुए सभी निबंधन कार्यालय 31 मार्च तक जितने भी रविवार आएंगे, उन सभी दिनों में खुले रहेंगे। इस कदम से न केवल राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि लोगों को भी अपनी संपत्ति निबंधन प्रक्रिया को समय पर पूरा करने में सुविधा मिलेगी। लोग अब साल खत्म होने से पहले ही अपने कागजी कार्रवाई को पूरा करने की होड़ में लगे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
राजस्व में वृद्धि और लोगों की सुविधा
मार्च का महीना वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना होता है और अक्सर इस दौरान कई सरकारी और निजी कार्य निपटाए जाते हैं। जमीन रजिस्ट्री में यह तेजी भी इसी प्रवृत्ति का हिस्सा हो सकती है, जिसमें संपत्ति निबंधन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार के लिए यह राजस्व संग्रह का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, वहीं आम जनता के लिए यह अपने निवेश को कानूनी रूप देने का अवसर है। अधिकारियों का यह निर्णय कि रविवार को भी कार्यालय खुले रहेंगे, यह सुनिश्चित करेगा कि अंतिम समय में होने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और सभी प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह दिखाता है कि राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर में अभी भी काफी हलचल है और निवेशक या खरीदार शुभ-अशुभ से ऊपर उठकर व्यावहारिकता पर जोर दे रहे हैं। इस वर्ष खरमास 14 दिसंबर से शुरू होकर 14 जनवरी तक था, लेकिन इसके बावजूद रजिस्ट्री कार्यालयों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। यह ट्रेंड दर्शाता है कि बिहार में जमीन-जायदाद के प्रति लोगों का रुझान कितना मजबूत है और कैसे वे हर बाधा को पार कर अपने सौदों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस विश्लेषण के साथ, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




