back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 12, 2026
spot_img

बिहार लैंड सर्वे: जानें क्यों विधानसभा में गूंजा जमीन…जमीन… किन मुद्दों पर आया मंत्री का बड़ा बयान, क्या बदलेगी बिहार में जमीन की तस्वीर?

spot_img
- Advertisement - Advertisement

बिहार लैंड सर्वे: जमीन विवादों के समाधान की दिशा में अहम कदम

पटना। दशकों से चले आ रहे भूमि विवादों के बोझ तले दबे बिहार के लिए गुरुवार का दिन एक नई उम्मीद लेकर आया। बिहार विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़ा एक अहम और दूरगामी असर वाला मुद्दा उठा, जिसने राज्य में जमीन से जुड़े लाखों मामलों की दिशा बदलने का संकेत दिया है। विभागीय मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सदन को जानकारी दी कि राज्य में जिन जमीनों का सर्वे चल रहा है, उसे जल्द से जल्द पूरा कर आम लोगों तक उसके सटीक भू-अभिलेख पहुंचाए जाएंगे। यह घोषणा राज्य के उन करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर है जो अपनी पैतृक भूमि के मालिकाना हक को लेकर अनिश्चितता में जी रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Patna NEET case: पटना नीट छात्रा दुष्कर्म और संदिग्ध मौत: डीएनए रिपोर्ट ने खोली जांच की नई परतें

सरकार का लक्ष्य भूमि विवादों को न्यूनतम स्तर पर लाना और पारदर्शी तरीके से भूमि संबंधित सभी रिकॉर्ड्स को दुरुस्त करना है। इस पहल से न केवल मुकदमेबाजी कम होगी, बल्कि विकास परियोजनाओं के लिए भी भूमि अधिग्रहण में आसानी होगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सर्वे कार्य में तेजी लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जिन क्षेत्रों में कार्य पूर्ण हो चुका है, वहां के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

- Advertisement -

यह समझना आवश्यक है कि भूमि सर्वे का सीधा संबंध नागरिकों के संपत्ति अधिकारों से है। सही और अद्यतन भू-अभिलेख ही किसी भी संपत्ति विवाद को खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका है। बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में जहां अधिकांश आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जमीन पर निर्भर है, वहां यह कदम सामाजिक और आर्थिक स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar Politics: RJD विधायक का नीतीश सरकार पर तीखा हमला, 'सुअर पालने को नहीं जन्मा बिहार'

डिजिटल होंगे रिकॉर्ड्स: पारदर्शिता की नई बयार

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अब आधुनिक तकनीक का उपयोग करके सभी रिकॉर्ड्स को डिजिटल स्वरूप में लाने पर जोर दे रहा है। यह प्रक्रिया न केवल अभिलेखों के रख-रखाव को आसान बनाएगी बल्कि आम नागरिकों के लिए भी अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना सुलभ कर देगी। अब किसी भी व्यक्ति को अपनी जमीन का नक्शा या खसरा लेने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एक क्लिक पर सारी जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

भूमि सर्वे का जनजीवन पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृहद परियोजना के सफलतापूर्वक पूर्ण होने से राज्य में निवेश का माहौल भी बेहतर होगा। जब जमीन के मालिकाना हक को लेकर कोई अस्पष्टता नहीं रहेगी, तब निवेशक बिना किसी झिझक के बिहार में उद्योगों और व्यवसायों को स्थापित करने के लिए आगे आएंगे। इसके अतिरिक्त, किसानों को ऋण लेने में भी आसानी होगी, क्योंकि उनके पास अपनी भूमि के वैध और स्पष्ट दस्तावेज होंगे। यह योजना बिहार के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने का माद्दा रखती है। इस तरह की पहल से न केवल कानूनी उलझनें कम होंगी, बल्कि राज्य के विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी, जिससे आम आदमी का जीवन स्तर सुधरेगा और एक बेहतर भविष्य की नींव रखी जा सकेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका का तूफान: ओमान को रौंदकर दिया ऑस्ट्रेलिया को संदेश

T20 World Cup: क्रिकेट प्रेमियों, तैयार हो जाइए रोमांच के एक नए अध्याय के...

T20 World Cup में श्रीलंका का तूफान, ओमान को रौंदकर ऑस्ट्रेलिया की बढ़ाई टेंशन!

T20 World Cup: क्रिकेट प्रेमियों! जिस पल का इंतजार था, वो आ गया है!...

सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर: UPSC IES ISS Recruitment के लिए आवेदन शुरू, जानें पूरी प्रक्रिया

UPSC IES ISS Recruitment UPSC IES ISS Recruitment: केंद्र सरकार में प्रतिष्ठित नौकरी का सपना...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें