
Bihar Liquor Mafia Action: बिहार की धरती पर जब अपराध का काला साया गहराने लगता है, तब हुकूमत को अपनी तलवार उठानी पड़ती है। सूबे में शराब माफियाओं का राज अब नहीं चलेगा, गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कमर कस ली है।
बिहार में आपराधिक घटनाओं पर लगाम कसने के लिए सरकार पूरी तरह से गंभीर है। इसी कड़ी में, गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने शराब माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का सख्त आदेश जारी किया है। पुलिस और मद्य निषेध विभाग ने मिलकर 24 बड़े तस्करों की पहचान की है, जिनकी संपत्ति अब जब्त की जाएगी। गृह मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शराब की अवैध आपूर्ति, परिवहन और बिक्री में संलिप्त किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।
शराब माफिया पर गृह मंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा Bihar Liquor Mafia Action
जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस और मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग ने पहले चरण में करीब दो दर्जन बड़े शराब माफियाओं को चिन्हित किया है। इनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन माफियाओं पर राज्य के आठ जिलों के विभिन्न पुलिस और उत्पाद थानों में कुल 167 मामले दर्ज हैं। यह दिखाता है कि कैसे ये अपराधी राज्य में Illegal Alcohol Trade को बढ़ावा दे रहे थे।
अधिकारियों के मुताबिक, चिन्हित किए गए 24 शराब माफियाओं में से 13 फिलहाल जेल में बंद हैं। वहीं, 11 अन्य के खिलाफ बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम की धारा-3 (सीसीए-3) के तहत जिला बदर या निषिद्ध किए जाने की कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही, इन माफियाओं द्वारा अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए नए कानून बीएनएसएस की धारा-107 के तहत कार्रवाई की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
24 बड़े तस्करों की हुई पहचान, संपत्तियां होंगी जब्त
जिन माफियाओं की संपत्ति जब्त की जाएगी, उनमें कई बड़े नाम शामिल हैं। ये वे लोग हैं जो लंबे समय से राज्य में शराब के अवैध कारोबार को संचालित कर रहे थे। इनकी कमर तोड़ने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि बिहार में कानून का राज स्थापित रहेगा और किसी भी कीमत पर अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किन जिलों के माफिया निशाने पर?
जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक पांच शराब माफिया बेगूसराय जिले से चिन्हित किए गए हैं। इसके बाद सारण से चार, गोपालगंज और भागलपुर से तीन-तीन, पटना, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण से दो-दो माफिया शामिल हैं। वहीं, मुजफ्फरपुर, नवादा, दरभंगा, अररिया और पूर्णिया से एक-एक शराब माफिया की पहचान की गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ये माफिया दूसरे राज्यों से ट्रकों के जरिए शराब की खेप मंगाकर बिहार के विभिन्न जिलों में सप्लाई करते थे। इनकी वजह से राज्य में शराबबंदी कानून को चुनौती मिल रही थी। इस कार्रवाई से इन माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी और Illegal Alcohol Trade पर बड़ा प्रहार होगा।
एक माफिया पर सबसे ज्यादा 20 मुकदमे
चिन्हित माफियाओं में मुजफ्फरपुर के राकेश महतो पर सबसे ज्यादा 20 मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ सकरा, बहेरा, कुढ़नी, ब्रह्मपुर, पातेपुर, बलिगांव, दगौरा, पूसा, मुसरीघरारी समेत कई थानों और उत्पाद विभाग में केस दर्ज हैं। उसकी गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। यह कार्रवाई बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


