

Bihar Liquor Mafia: बिहार में शराब माफियाओं के खिलाफ सरकारी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। ऐसा लग रहा है मानो सरकार ने शराब के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए एक बड़ी मुहिम छेड़ दी है, जहां एक-एक कर माफियाओं की सल्तनत ढहने वाली है।
Bihar Liquor Mafia: 24 चिन्हित, 167 मुकदमे दर्ज
बिहार में शराब की अवैध आपूर्ति, परिवहन और बिक्री में संलिप्त माफियाओं पर अब राज्य सरकार का शिकंजा कसता जा रहा है। बिहार पुलिस और मद्य निषेध उत्पाद विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर पहले चरण में लगभग दो दर्जन ऐसे शराब माफियाओं की पहचान कर उन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इन कुख्यात अपराधियों के खिलाफ आठ जिलों के विभिन्न पुलिस और उत्पाद थानों में कुल 167 मामले दर्ज किए गए हैं, जो इनकी व्यापक गतिविधियों को दर्शाता है।
चिह्नित माफियाओं में से 13 फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे हैं, जबकि 11 अन्य पर बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम की धारा तीन (सीसीए 3) के तहत जिला बदर या उनके कार्यक्षेत्र से निषिद्ध करने की कार्रवाई की गई है। यह दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे पर कितनी गंभीर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके साथ ही, इन शराब माफियाओं द्वारा अपराध से अर्जित की गई संपत्तियों को जब्त करने के लिए भी नए कानून बीएनएसएस की धारा 107 के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम अवैध शराब व्यापार से होने वाली कमाई पर सीधा प्रहार है।
मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में बेगूसराय जिले में सबसे अधिक पांच शराब माफियाओं को चिह्नित कर उन पर शिकंजा कसा गया है। इसके बाद सारण जिले में चार, गोपालगंज और भागलपुर में तीन-तीन, पटना, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण जिलों में दो-दो तथा मुजफ्फरपुर, नवादा, दरभंगा, अररिया और पूर्णिया जैसे जिलों में एक-एक शराब माफिया की पहचान हुई है। ये अपराधी मुख्य रूप से पड़ोसी राज्यों से ट्रकों के जरिए भारी मात्रा में शराब बिहार में लाते हैं और उसे विभिन्न जिलों में अवैध रूप से वितरित करते हैं।
चिह्नित शराब माफियाओं की सूची में मुजफ्फरपुर के राकेश महतो का नाम सबसे ऊपर है, जिनके खिलाफ अकेले 20 मामले दर्ज हैं। ये मामले सकरा, बहेरा, कुढ़नी, ब्रह्मपुर, पातेपुर, बलिगांव, दगौरा, पूसा, मुसरीघरारी और उत्पाद थानों में दर्ज किए गए हैं।
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हाल ही में डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने शराब माफिया और भू माफिया की एक विस्तृत सूची बनाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद से ही पूरे राज्य में माफियाओं के खिलाफ लगातार एक्शन जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कार्रवाई इसी मुहिम का एक अहम हिस्सा है, जिसमें अब तक 8 जिलों के 24 शराब माफियाओं पर कार्रवाई हुई है।
अवैध कारोबार पर शिकंजा: गृह मंत्री के आदेश पर तेज हुई कार्रवाई
इनमें वे माफिया शामिल हैं जिन पर जिला बदर करने की कार्रवाई की गई है, और उनकी अपराध से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा। इस तरह के कदमों से निश्चित तौर पर अवैध शराब व्यापार पर लगाम लगेगी। यह अभियान न केवल शराब माफियाओं को सबक सिखाएगा, बल्कि राज्य में कानून व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहने की उम्मीद है, जिससे बिहार को अवैध शराब के चंगुल से मुक्त कराया जा सके। राज्य सरकार का यह दृढ़ संकल्प जनता के लिए एक सुरक्षित और अपराध मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



