Bihar Mausam News: बिहार के कई जिलों में शाम हुई आंधी-बारिश ने भीषण गर्मी से लोगों को राहत तो दी, लेकिन यह राहत अपने साथ मौत का पैगाम भी लाई। राज्य के जमुई, मुंगेर, बांका और बक्सर जिलों में बिजली गिरने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इन घटनाओं से ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया है। राजधानी पटना सहित कई शहरों में मौसम में अचानक बदलाव आया, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
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बिजली गिरने से 4 लोगों की दर्दनाक मौत
मौसम के बदले मिजाज के बीच, जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कोनौन इलाके में शुक्रवार देर रात बिजली गिरने से 47 वर्षीय महेंद्र यादव की मौत हो गई। इस खबर से गांव में शोक का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं। पड़ोसी मुंगेर जिले में भी 50 वर्षीय किसान गणेश यादव की बिजली गिरने से जान चली गई।
बांका जिले में शादी समारोह की तैयारियों के बीच एक घर में बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। बक्सर जिले में भी 11 वर्षीय बच्चे की बिजली गिरने से मृत्यु हो गई और तीन लोग घायल हुए हैं। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि Bihar Mausam News का यह पहलू कितना खतरनाक हो सकता है।
मौसम विभाग का अलर्ट और आगे का अनुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार के 12 जिलों के लिए बारिश और आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। इसके अतिरिक्त, 15 अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राज्य में फिलहाल प्री-मॉनसून गतिविधियों के कारण अत्यधिक परिवर्तनशील मौसम देखा जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों में अभी भी भीषण गर्मी और उमस बनी हुई है।
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मॉनसून की दस्तक, कब मिलेगी स्थायी राहत?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान मौसमी पैटर्न प्री-मॉनसून अवधि का एक सामान्य हिस्सा है, जब बढ़ती नमी और अस्थिर वायुमंडलीय स्थितियां अक्सर आंधी-तूफान और छिटपुट भारी बारिश का कारण बनती हैं। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल में दस्तक दे चुका है और धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि इसकी प्रगति निर्धारित समय पर बनी रहती है, तो मॉनसून अगले एक से दो सप्ताह के भीतर बिहार पहुंच सकता है। पारंपरिक रूप से, राज्य में मॉनसून की गतिविधियां जून के दूसरे पखवाड़े में स्थापित हो जाती हैं। तब तक, अधिकारियों ने निवासियों से आंधी-तूफान के दौरान सतर्क रहने और बिजली गिरने से बचाव के लिए सावधानी बरतने का आग्रह किया है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां प्री-मॉनसून सीजन के दौरान ऐसी घटनाएं एक बार-बार होने वाला खतरा बनी रहती हैं।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







