

Bihar Meat Shop Ban: मौत का सामान बेच रहे थे, अब प्रशासन का हथौड़ा चलेगा। बिहार में अब स्वच्छ मांस की जंग छिड़ गई है, जहाँ सरकार ने गंदगी और अवैधता के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है।
Bihar Meat Shop Ban: बिहार में मांस-मछली की दुकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, बिना लाइसेंस वाले सावधान!
Bihar Meat Shop Ban: बिहार के नगर निकायों में अवैध दुकानों पर कस शिकंजा
Bihar Meat Shop Ban: बिहार में अब बिना लाइसेंस और अस्वच्छ तरीके से चल रही मांस और मछली की दुकानों पर गाज गिरने वाली है। राज्य सरकार ने नगर निकायों को सख्त निर्देश जारी करते हुए ऐसी दुकानों को तत्काल बंद करने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। यह कदम राज्यभर में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों को बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सरकार ने इन अवैध दुकानों को सील करने के लिए एक सख्त ‘डेडलाइन’ तय की है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब बिना किसी देरी के, जो भी दुकान बिना लाइसेंस के संचालित हो रही है या गंदगी के बीच मांस-मछली बेच रही है, उस पर सीधा एफआईआर दर्ज की जाएगी। यह कार्रवाई सिर्फ कागजी नहीं होगी बल्कि जमीनी स्तर पर इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
गंदगी फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
नगर निकाय के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसी सभी दुकानों की पहचान करें और उन पर त्वरित कार्रवाई करें। विशेष रूप से, धार्मिक स्थलों जैसे मंदिर या शैक्षणिक संस्थानों जैसे स्कूलों के आसपास संचालित होने वाली मांस-मछली की दुकानों पर अतिरिक्त सख्ती बरती जाएगी। ऐसी दुकानों को तुरंत बंद किया जाएगा, चाहे उनके पास लाइसेंस हो या नहीं, यदि वे स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करती हैं।
यह पहल आम जनता के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए शुरू की गई है। कई बार देखा गया है कि अवैध मांस की दुकानें न सिर्फ गंदगी फैलाती हैं, बल्कि उनसे निकलने वाला अपशिष्ट भी पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन जाता है। अब ऐसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जानें क्या हैं नए नियम और आम जनता पर असर
नए नियमों के तहत, सभी मांस-मछली विक्रेताओं को अनिवार्य रूप से लाइसेंस प्राप्त करना होगा। लाइसेंसिंग प्रक्रिया में दुकान की साफ-सफाई, अपशिष्ट निपटान की उचित व्यवस्था और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करना शामिल होगा। जो दुकानदार इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम उपभोक्ताओं को स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस अभियान से उन अवैध मांस-मछली की दुकानों पर लगाम लगेगी जो अब तक नियमों को ताक पर रखकर व्यापार कर रही थीं। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के शहरी क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाए। यह एक बड़ा बदलाव है जो राज्य में खाद्य सुरक्षा के परिदृश्य को पूरी तरह से बदल देगा।


